CAA का विरोध सड़क पर तो अब समर्थन भी सड़क पर

कांग्रेसराज वाले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में CAA के समर्थन में निकला पैदल मार्च..  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 27, 2019, 11:19 AM IST
    • भोपाल में CAA के समर्थन में निकला पैदल मार्च..
    • मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को सन्देश
    • बड़ी संख्या में शामिल हुए प्रोफेशनल्स
    • बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल थे मार्च में
    • नहीं जलाईं बसें, नहीं की हिंसा
CAA का विरोध सड़क पर तो अब समर्थन भी सड़क पर

भोपाल.  CAA के विरोधियों ने देश में ऐसा माहौल पैदा किया हुआ है कि ऐसा लगता है कि बस चारों तरफ सीएए का विरोध हो रहा है. पर यह एक साजिशाना कोशिश तो हो सकती है पर देश का सच नहीं. मिसाल हाज़िर है. देश भर से आवाज़े तो आ ही रही हैं CAA के समर्थन में अब उसके समर्थन में लोग सड़क पर भी उतरने लगे हैं. भोपाल में निकाला गया है एक पैदल मार्च जिसने खुल कर ताल ठोकी है CAA के पक्ष में.    

मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को सन्देश

यह न केवल CAA का समर्थन मार्च था बल्कि यह एक सन्देश भी था जो देश और दुनिया में CAA के खिलाफ माहौल बनाने की साजिश में लगे CAA के विरोधियों के लिए था. प्रदेश में CAA विरोधी कांग्रेस की सरकार भी है. इस लिए इस मार्च के पहले ही उम्मीद की गई थी कि बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेंगे. और ऐसा हुआ भी. इसी भीड़ के मद्देनज़र प्रदेश सरकार ने बड़ी संख्या में सड़कों पर पुलिस बल को तैनात किया गया था. पुलिस बल सारे रास्ते जुलूस के साथ चलता रहा. 

बड़ी संख्या में शामिल हुए प्रोफेशनल्स 

इस मार्च में आम आदमी तो थे ही, भारी संख्या में डॉक्टर्स, इंजीनियर्स और वकील भी देखे गए. CAA के इन समर्थकों ने राज्य में नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने की मांग की. शहर के एमपी नगर जोन-1 से शुरू होने के बाद ये पैदल मार्च एमपी नगर जोन-2 से होता हुआ बोर्ड ऑफिस चौराहे तक पहुंचा और फिर एमपी नगर जोन-1 में आकर समाप्त हुआ.

 

बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल थे मार्च में 

बीजेपी की केंद्र सरकार ने ही देश में नागरिकता संशोधन क़ानून लागू किया है. इसलिए ज़ाहिर है प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता CAA समर्थक इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हुए. इस मार्च में CAA समर्थक हाथों में तिरंगा और नागरिकता क़ानून के समर्थन में नारे लिखे पोस्टर ले कर चल रहे थे. हैरानी की बात ये थी कि इन्होंने सड़कों पर उतर कर न पत्थरबाजी की, न बसें कारें जलाईं, न पुलिस थाने फूंके, इन लोगों ने अपना जुलूस शांति के साथ निकाला. 

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