• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 1,06,737 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 2,16,919: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 1,04,107 जबकि अबतक 6,075 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • एचआरडी मंत्री ने कक्षा XI और XII के लिए वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया
  • पीएमजीकेपी के तहत प्रगति: अप्रैल के लिए 73.86 करोड़ लाभार्थियों को 36.93 एलएमटी खाद्यान्न प्रदान किया गया
  • पीएमजीकेपी के तहत प्रगति: मई के लिए 65.85 करोड़ लाभार्थियों को 32.92 एलएमटी खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया
  • पीएमजीकेपी के तहत प्रगति: जून के लिए 7.16 करोड़ लाभार्थियों को 3.58 एलएमटी खाद्यान्न प्रदान किया गया
  • पीएमजीकेपी के तहत प्रगति: 17.9 करोड़ परिवारों को 1.91 एलएमटी दालें दी गईं
  • देश भर के 688 प्रयोगशालाओं (480 सरकारी और 208 निजी प्रयोगशालाओं) में कुल परीक्षणों की संख्या 41+ लाख के पार
  • रेलवे ने 4197 श्रमिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया; 58+ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया
  • सीएसआईआर-सीएमईआरआई के शोधकर्ताओं ने नए स्वदेशी वेंटिलेटर का विकास किया है जिसकी लागत 80,000-90,000 रुपये हैं

'हिंदू आतंकवाद' पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन के बयान से छिड़ गई सियासी जंग

हिंदू आतंकवाद पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में जुबानी जंग छि़ड़ गई है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा है कि मक्का ब्लास्ट के बाद हिंदू आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल हुआ. जिसके बाद भाजपा ने पूछा कि दिग्विजय सिंह ISI के मददगार थे?

'हिंदू आतंकवाद' पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन के बयान से छिड़ गई सियासी जंग

नई दिल्ली: मुंबई के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया के अजमल कसाब को लेकर हिंदू आतंकवाद पर खुलासे पर कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि जब 'हिंदू आतंक' शब्द गढ़ा गया, तो इसकी दूसरी पृष्ठभूमि थी. मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद ये शब्द कहा गया था. 

भाजपा ने कांग्रेस को लगाई लताड़

बीजेपी के कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है. पीयूष गोयल के बाद बीजेपी सांसद जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा है कि कांग्रेस के हिंदू आतंक वाली सोच और ISI के 26/11 हमले के बीच कनेक्शन है. जीवीएल ने पूछा कि क्या भारत का कोई व्यक्ति ISI को आतंकवादियों को हिंदू पहचान देने में मदद कर रहा था. क्या दिग्विजय सिंह हैंडलर के रूपमें काम कर रहे थे?

कैसे शुरू हुआ विवाद?

आपको बताते हैं कि ये पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ. दरअसल, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की किताब में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की ISI लश्कर आतंकी कसाब को खत्म करवाना चाहते थे, क्योंकि कसाब मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था. मारिया के इस किताब के बाद हिंदू आतंकवाद को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है.

मुंबई हमले को लेकर हिंदू आतंकवाद की साजिश बेनकाब

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले को लेकर सबसे बड़ा खुलासा पूर्व IPS अधिकारी राकेश मारिया ने किया. जब पाकिस्तान से आए 10 ट्रेंड आतंकियों ने मुंबई हमले को अंजाम दिया था. इस हमले में 9 आतंकी मारे गये और एक आतंकी आमिर अजमल कसाब को गिरफ्तार कर लिया गया. उस घटना के 11 साल बाद अब मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने आतंकी कसाब से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है. 

राकेश मारिया ने अपनी किताब LET ME SAY IT NOW में लिखा है कि लश्कर-ए-तैयबा ने 26/11 के आतंकी हमले को 'हिंदू आतंक' साबित करने की साजिश रची थी. इसके लिए आतंकी अजमल कसाब समेत सभी 10 आतंकियों को बाकायदा हिंदू नाम दिये गये थे.

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अगर कसाब भी दूसरे आतंकियों की तरह मारा जाता तो उसे समीर दिनेश चौधरी साबित कर दिया जाता. इसके लिए उसे ना सिर्फ हिंदू नाम वाला आई कार्ड दिया गया था, बल्कि उसके हाथों में कलावा भी बांधा गया था. जैसा अक्सर हिंदू अपने हाथ में बांधते हैं, लेकिन पाकिस्तान की ये चाल नाकाम हो गई.

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