• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 3,01,609 और अबतक कुल केस- 8,78,254: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 5,53,471 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 23,174 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 62.92% से बेहतर होकर 63.01% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 18,850 मरीज ठीक हुए
  • कोविड-19 से ठीक होने वाले मामलों की संख्या, सक्रिय मामलों से 2,51,862 से ज्यादा, रिकवरी दर 63.01% पर पहुंची
  • देश भर में कोविड-19 की कुल 1194 प्रयोगशालाएं हो गई है. बीते 24 घंटे में 2.8 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई
  • मामलों की जल्द से जल्द से पहचान, सही समय पर निदान जैसे उपायों से देश में कोविड की वजह से मृत्यु दर सबसे न्यूनतम 2.66% है
  • भारतीय रेलवे ने पहली बार देश की सीमाओं से परे आंध्र प्रदेश से बांग्लादेश तक विशेष पार्सल ट्रेन लोड कर भेजा है
  • तराशे और पॉलिश किए गए हीरे के पुनः आयात के लिए 3 माह की छूट प्रदान की है, जिन्हें प्रमाणन और ग्रेडिंग के लिए विदेश भेजा जाता है
  • कोविड-19 से संबंधित मदद, सलाह और उपायों के लिए 24x7 टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करें
  • कोविड मरीजों के साथ दुर्व्यवहार न करें, एक सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखें

CAA के खिलाफ दलितों को क्यों भड़का रहे हैं विपक्षी नेता

 नागरिकता संशोधन कानून पर पहले पूरे देश में मुस्लिमों को भड़काने और उकसाने की कोशिश विपक्षी नेताओं के द्वारा की गयी, अब दलितों को भी इसमें शामिल करके देश के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की जा रही है.  

CAA के खिलाफ दलितों को क्यों भड़का रहे हैं विपक्षी नेता

दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 40 दिनों से बुर्कानशीं महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं. इसी शाहीन बाग की तर्ज पर देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की कोशिश कई विपक्षी नेता कर रहे हैं. भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद और प्रकाश अंबेडकर जैसे कथित दलित चिंतक दलितों को भी उग्र आंदोलन करने के लिये उकसा रहे हैं और अपने वोटबैंक की राजनीति तलाश रहे हैं.

दलित वोट बैंक की चिंता

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को दलितों के वोटों की चिंता है. इसलिये ये लोग अब इसे धर्म और जाति का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं और दलितों को भी भाजपा के खिलाफ खड़ा करना चाहते हैं. असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने तो ये तक कह दिया था कि हमने इस देश पर 800 साल तक शासन किया है और ये लोग हमें देश से निकालना चाहते हैं. ऐसा कहकर ये लोग दलितों और मुस्लिमों को भड़काकर अपना वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

मायावती को भी वोट बैंक छिनने का डर

अमित शाह ने जोर देकर कहा कि इस नागरिकता संशोधन कानून से सबसे ज्यादा दलितों को लाभ होगा क्योंकि पाकिस्तान से भारत आने वाले शरणार्थियों में सबसे अधिक दलित हैं. मायावती ने बहुत बड़ा आरोप चंद्रशेखर पर लगाया था. उन्होंने कहा था कि चंद्रशेखर भाजपा को जितवाता है. बता दें कि सहारनपुर और उसके आस-पास के इलाकों में दलित समाज में चंद्रशेखर का संगठन जिस तरह से काम कर रहा है और उसे शाहीन बाग के बहाने दलितों की लड़ाई लड़ते देख मायावती का डर बढ़ गया है.

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ओवैसी का भी दलितों पर निशाना

असदुद्दीन ओवैसी जानते हैं कि भारत में मुस्लिमों की अधिकता वाले कई राज्यों में उनकी पार्टी का जनाधार शून्य है. इसलिये वे मुस्लिमों को नागरिकता कानून के बहाने साध रहे हैं और उसमें दलितों को शामिल करके अपनी राजनीतिक जमीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि भाजपा के खिलाफ दलितों को भड़काना आसान है.

प्रकाश अंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद बुलाया

डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते और वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर सीएए और एनआरसी के खिलाफ आज महाराष्ट्र बंद बुलाया है, जिसका मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है. पुणे में हालात सामान्य है, वहीं मुंबई में जगह-जगह पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है ताकि विरोध प्रदर्शन हिंसक नहीं हो पाए. प्रकाश अंबेडकर भी अपनी पार्टी को लिये दलितों को साधने की कोशिश कर रहे हैं.

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