Year Ender 2019: मोदी सरकार 2.0 में गृहमंत्री शाह के 3 ऐतिहासिक फैसले

अमित शाह चुनावी राजनीति में कितने माहिर हैं वो तो देश देख ही चुका है. पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में देशहित में कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं. और इसका श्रेय सरकार के मुखिया के तौर पर जहां पीएम मोदी को जाता है. वहीं गृह मंत्री के तौर अमित शाह को भी. जनसंघ के जमाने से जो एजेंडे थे उन पर एक-एक कर अमित शाह फैसले ले रहे हैं.

Year Ender 2019: मोदी सरकार 2.0 में गृहमंत्री शाह के 3 ऐतिहासिक फैसले

नई दिल्ली: पीएम मोदी भाजपा के ब्रांड फेस हैं तो अमित शाह बीजेपी के चाणक्य से कम नहीं हैं. पीएम मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने और पार्टी को फिर से सत्ता में लाने में बीजेपी के चाणक्य अमित शाह का बड़ा रोल रहा. बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह ने लोकसभा चुनाव में ऐसी रणनीति बनायी जो लाजवाब साबित हुई.

भाजपा के चाणक्य हैं अमित शाह

लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने कई ऐसे दांव चले जो चौंकाने वाले थे. और इन सबके के पीछे अमित शाह थे. अब तक अमित शाह पार्टी के लिए काम कर रहे थे. लेकिन, गांधीनगर से चुनाव जीतने के बाद मोदी 2.0 में वो गृह मंत्री बनाए गए. गृह मंत्री का पद संभालने के बाद अमित शाह ने ऐसे फैसलों की छड़ी लगा दी जो जनसंघ के जमाने से एजेंडे में थे.

1). जम्मू-कश्मीर पर देशहित वाला फैसला

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला उनमें से एक रहा. एक ऐसा फैसला जो 70 सालों में कोई सरकार नहीं ले पायी उसे गृह मंत्री के तौर अमित शाह ने लिया. 

जब सरदार बल्लभ भाई पटेल देश के गृह मंत्री थे तो उन्होंने देशहित में कई साहसिक फैसले लिए थे. वो सरदार पटेल ही थे जिन्होंने आजादी के बाद सभी रियासतों को भारत के साथ जोड़ने में बड़ा योगदान दिया. हालांकि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग ही बना रहा. और अब गृह मंत्री रहते हुए अमित शाह ने कश्मीर पर लटकाने, भटकाने वाली राजनीति का अंत कर दिया. अमित शाह के फैसले की वजह से ही आज कश्मीर में तिरंगा लहरा रहा है.

2). नागरिकता क्रांति के सूत्रधार

गृहमंत्री की अपनी नई भूमिका में सात महीने की अवधि में ही शाह ने एक नेता और प्रशासक के रूप में अपनी खुद की छाप छोड़ी है. हालांकि कप्तान के रूप में मोदी मार्गदर्शक बने हुए हैं. लेकिन कहा जाता है कि देशहित में लिए गए हर फैसले के पीछे चाणक्य अमित शाह की अहम भूमिका रहती है. नागरिकता संशोधन कानून का भले ही विरोधी पार्टियां विरोध कर रही हैं. लेकिन सरकार में उनकी हैसियत पर इसका कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है.

3). मुस्लिम महिलाओं को ट्रिपल तलाक से आजादी

अमित शाह ने मुस्लिम महिलाओं के हित में भी ऐतिहासिक कदम उठाया और उन्हें तीन तलाक की कुप्रथा से आजादी दिलायी. .राज्यसभा में बहुमत न होने के बाद भी मोदी सरकार 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 को पास करवाने में कामयाब रही. इसके पीछे अमित शाह की रणनीति ही शामिल थी.

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आज अमित शाह सरकार में प्रधानमंत्री के बाद सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं और सात मंत्री समूहों की अगुआई करते हैं. अमित शाह में देश की जनता सरदार पटेल की छवि देखती है. लौह पुरुष ने जिस तरह देश की एकता और अखंडता के लिए साहसिक फैसले लिए थे. उसी तरह अमित शाह देशहित में क्रांतिकारी फैसले ले रहे हैं.

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