चीन-ब्राजील ने मिलकर किया सैटेलाइट का प्रक्षेपण, अमेजन के जंगलों पर रखेंगे निगरानी

हाईटैक देश चीन और ब्राजील ने मिलकर एक नई तकनीक विकसित की है. इस सैटलाइट का 20 दिसंबर को अंतरिक्ष में प्रक्षेपण किया गया जिसको पृथ्वी की निगरानी रखने के लिए बनाया गया है. 

चीन-ब्राजील ने मिलकर किया सैटेलाइट का प्रक्षेपण, अमेजन के जंगलों पर रखेंगे निगरानी

नई दिल्ली: यह प्रक्षेपण द्विपक्षीय कार्यक्रम के तौर पर हुआ है और इसे ब्रिक्स देशों के लिए एक सहयोग मॉडल की तरह देखा जा रहा है. चीन की एक समाचार एंजेंसी ने इस बात की सूचना दी है कि चीन और ब्राजील अर्थ सैटेलाइट-4A का प्रक्षेफण एक लॉन्ग मार्च-4B रॉकेट पर चीन के ही उत्तरी प्रांत के चान्शी में हुआ. सैटेलाइट की बात करें तो यह साल 1988 में चीन-ब्राजील अर्थ रिसोर्सेज कार्यक्रम के तहत ही विकसित की गई है और दोनों देशों के सीबर्स की यह छठी सैटेलाइट है. जिनका निर्माण असैन्य उपयोग के लिए किया गया है और यह अंतरिक्ष से पृथ्वी पर नजर रखने का काम करेगी.

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इस सैटेलाइट से अमेजन के जंगलों की निगरानी की जाएगी और देश के पर्यावरण में हो रहे बदलाव पर भी नजरे रखी जाएगी. जिसमें सीबर्स-4ए ब्राजील की सरकार की मदद करेगा. इसके अलावा राकेट से आठ और सैटेलाइटों को अंतरिक्ष में उनकी कक्षा में भेजा गया जिनमें एक चौड़ी रेंज वाली, रिमोट-सेंसिंग लघु सैटेलाइट भी थी जिसे इथियोपिया को उपहार में दिया गया था.

क्या है BRICS 
BRICS पांच देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिल कर बना हुआ है. इस संगठन की स्थापना साल 2006 में की गई थी. सबसे पहले इसमें चार देश ही शामिल थे तब इसका नाम BRIC था. लेकिन बाद में इसमें दक्ष‍िण अफ्रीका को भी शामिल किया गया और इसका नाम BRIC से BRICS  हो गया. BRICS देश आपस में प्रति वर्ष सम्मेलन का आयोजन करते हैं जिसमें इनके शीर्ष नेता शामिल होते हैं. इस वर्ष पीएम मोदी 11वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील के शहर ब्रासिलिया पहुंचे थे.

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करीब 13 साल बाद BRICS  एक ताकतवर संगठन बन चुका है और इसकी पांच अर्थव्यवस्थाओं की दुनिया की कुल जनसंख्या में 42 फीसदी, वैश्विक जीडीपी का 23 फीसदी और वैश्विक व्यापार का करीब 17 फीसदी हिस्सेदारी है.