विमान हादसा मामले में हटाए गए बोइंग के सीईओ

पिछले साल और इसी साल मार्च में बोइंग के दो विमान दुर्घनाग्रस्त हुए थे और इन दोनों हादसों को ही इस फ़ैसले की वजह माना जा रहा है. इन दोनों हादसों के बाद से ही कंपनी पर दबाव पर था. बोइंग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है "बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने यह फ़ैसला किया कि है कंपनी के लिए अपना खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए ज़रूरी है कि वो अपने नेतृत्व में बदलाव करे. 

विमान हादसा मामले में हटाए गए बोइंग के सीईओ

नई दिल्लीः विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेनिस मिलेनबर्ग को उनके पद से हटा दिया है. बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ने यह फ़ैसला सुनाते हुए कहा "अब यह बेहद ज़रूरी हो गया था कि कंपनी अपने भरोसे को दोबारा से हासिल करे. कंपनी के मौजूदा चेयरमैन डेविड कॉलहॉन आगामी 13 जनवरी से कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभालेंगे.

दुर्घटनाग्रस्त हुए थे विमान
पिछले साल और इसी साल मार्च में बोइंग के दो विमान दुर्घनाग्रस्त हुए थे और इन दोनों हादसों को ही इस फ़ैसले की वजह माना जा रहा है. इन दोनों हादसों के बाद से ही कंपनी पर दबाव पर था. बोइंग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है "बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने यह फ़ैसला किया कि है कंपनी के लिए अपना खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए ज़रूरी है कि वो अपने नेतृत्व में बदलाव करे. ताकि वो अपने साथ काम करने वालों के साथ रिश्तों में सुधार ला सके. सिर्फ़ काम करने वालों के साथ ही नहीं उन लोगों के साथ भी जो इस कंपनी में सहभागी हैं और जो कस्टमर हैं. लॉरेंस कैल्नर को तत्काल प्रभाव से कंपनी का ग़ैर-कार्यकारी निदेशक बनाया गया है.

पांच महीने में हुए थे दो विमान हादसे
बोइंग 737 विमान के दो बड़े हादसे एक-दूसरे से पांच महीने के अंतराल पर हुए. इंडोनेशिया और इथोपिया में हुए इन दोनों हादसों में 346 लोगों की मौत हो गई थी. वायु यातायात सुरक्षा की जांच करने वाले अधिकारियों ने इन मामलों की जांच की थी. जांच में उन्होंने पाया था कि प्लेन में एक स्वचालित कंट्रोल सिस्टम जिसे एमसीएएस कहते हैं, इन हादसों का कारण रहा. बोइंग ने कहा था कि यह सॉफ़्टवेयर सिस्टम एक सिंगल सेंसर पर निर्भर करता है. उसने गलत आंकड़े हासिल किये और इस वजह से पायलट विमान को नीचे लेकर गए.

कंपनी पर सिर्फ मुनाफा कमाने का आरोप
कंपनी ने कहा था कि वो अपने इस सॉफ़्टवेयर पर काम कर रहे हैं और इस ख़ामी को दूर कर रहे हैं और इसके साथ ही रिव्यू प्रक्रिया को भी पहले से बेहतर कर रहे हैं. लेकिन इस मामले में कंपनी की जांच करनेवाले अमरीकी सांसदों का कहना था कि कंपनी को पहले से ही पता था कि इस सॉफ़्टवेयर पर पूरी तरह यक़ीन नहीं किया जा सकता है.

उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया कि कंपनी ने अपने फ़ायदे को लोगों की सुरक्षा से कहीं बढ़कर तरजीह दी.

पूरी दुनिया में बंद है बोइंग 737 का परिचालन
मार्च में हुए हादसे के बाद से ही पूरी दुनिया में बोइंग 737 का परिचालन बंद है. कंपनी को उम्मीद थी कि इस साल के अंत तक उसके ये विमान दोबारा से हवा में उड़ने लगेंगे लेकिन अमरीकी नियामकों ने उनके इतनी जल्दी वापसी को मंज़ूरी नहीं दी है. इसके साथ ही बोइंग की प्रतिष्ठा को एक बड़ा झटका पिछले हफ़्ते तब लगा जब इसके स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा.

मुंबई में शिवसेना की गुंडागर्दी, मुख्यमंत्री की आलोचना पर मूंड़ दिया सिर