Omicron को लेकर WHO ने दी राहत भरी रिपोर्ट, वायरस के प्रभाव के बारे में बड़ा खुलासा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को नए आंकड़ों के आधार पर सुपर स्ट्रेन ओमिक्रॉन को लेकर कई खुलासे किए हैं. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 2, 2021, 12:04 PM IST
  • दक्षिण अफ्रीकी के गौतेंग में मरीजों की संख्या बढ़ी है
  • महामारी के इस नए केंद्र में कम लोगों को टीके लगे थे

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Omicron को लेकर WHO ने दी राहत भरी रिपोर्ट, वायरस के प्रभाव के बारे में बड़ा खुलासा

लंदन: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को नए आंकड़ों के आधार पर सुपर स्ट्रेन ओमिक्रॉन को लेकर कई खुलासे किए हैं. डब्ल्यूएचओ के एक प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन लोगों को संक्रमित करने में ज्यादा सक्षम है. लेकिन ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मौजूदा टीके अस्पताल में भर्ती होने और मौतों को रोकने में कम प्रभावी होंगे.

डब्ल्यूएचओ के इस अनाम अधिकारी ने बताया कि ओमिक्रॉन के ज्यादातर केस माइल्ड हैं. यानी ओमिक्रॉन से दुनिया को उतना नुकसान नहीं पहुंचेगा जितनी शुरूआत में आशंका जताई जा रही थी. हालांकि अब भी इस पर अध्ययन जारी है. 

चेतावनी भी दी गई है
डब्ल्यूएचओ में एक महामारी विज्ञानी डॉ मारिया वान केरखोव ने बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'निगरानी पूर्वाग्रह' के चलते ओमाइक्रोन की गंभीरता को कम करके आंका जा सकता है, क्योंकि युवा लोग इस स्ट्रेन के मुख्य प्रसारक रहे हैं.

दक्षिण अफ्रीका और इजराइल से भी पाजिटिव रिपोर्ट
यह पहला आधिकारिक संकेत है कि ओमाइक्रोन सुपर-स्ट्रेन उतना कहर बरपा नहीं सकता जितना शुरू में आशंका थी. दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टरों ने खुलासा किया है कि 85% ओमाइक्रोन मामले बिना लक्षणों वाले और हल्के लक्षण वाले हैं. 

दक्षिण अफ्रीकी में महामारी के केंद्र बने गौतेंग में अस्पताल में भर्ती होने की संख्या बढ़ी है, लेकिन इस इलाके में एक चौथाई आबादी को ही टीका लगाया गया था. वहीं इजरायल के अधिकारियों का भी दावा है कि फाइजर बूस्टर खुराक ओमाइक्रोन से गंभीर बीमारी से 90% तक सुरक्षा प्रदान करता है. 

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दक्षिण अफ्रीका में क्या हैं हालात
ओमिक्रॉन के बारे में आशंकाओं के बावजूद, दक्षिण अफ्रीका अभी भी यूके और यूएस दोनों की तुलना में प्रति जनसंख्या आकार में बहुत कम कोविड मामलों को दर्ज कर रहा है. 

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च प्लेटफॉर्म अवर वर्ल्ड इन डेटा के आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में प्रति मिलियन लोगों पर 46 मामले हैं, जबकि यूके में 628 और यूएस में 246 मामले हैं. दक्षिण अफ्रीका में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन कम आधार पर शुरू हो रहे हैं. 

अब तक, दक्षिण अफ्रीका में केवल 172 ओमाइक्रोन मामलों की पुष्टि हुई है और वहां के डॉक्टरों का कहना है कि नए संस्करण वाले मरीज़ पिछले उपभेदों की तुलना में हल्के लक्षणों के साथ पेश कर रहे हैं . भले ही दैनिक मामले एक सप्ताह में 400 प्रतिशत बढ़कर कल 4,373 हो गए हों. 

बोत्सवाना - जहां माना जाता है कि ओमाइक्रोन उभरा है - आज पता चला कि इसके 19 पुष्ट मामलों में से 16 में लक्षण नहीं थे. लेकिन गौतेंग प्रांत के दक्षिण अफ्रीकी उपरिकेंद्र में कोविड के अस्पताल में भर्ती होने लगे हैं, जो इस बात पर सवाल उठा रहा है कि वास्तव में संस्करण कितना हल्का है. 

आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह प्रांत में 580 अस्पताल में भर्ती हुए, जो दो सप्ताह पहले 135 अस्पताल में भर्ती होने की तुलना में 330 प्रतिशत अधिक है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका के सिर्फ एक चौथाई लोगों के पास दो कोविड वैक्सीन की खुराक है, जो डेटा की व्याख्या को चुनौतीपूर्ण बनाता है. उत्तरी गौतेंग शहर में, इस सप्ताह अस्पताल में भर्ती होने वाले 87 प्रतिशत गैर-टीकाकरण वाले थे. यानी जहां ओमिक्रॉन का प्रभाव ज्यादा है वहां टीकाकरण कम हुआ था. 

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