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Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 9 महीने से ज़्यादा का वक़्त गुज़र चुका हैं. जंग के चलते दोनों देशों को काफ़ी नुक़सान उठाना पड़ा है. रूस के मिसाइल हमलों से यूक्रेन के इन्फ्रास्ट्रक्चर को कितना नुक़सान पहुंचा है इसकी तस्वीर दुनिया अक्सर नज़र आती रहती है. वहीं अब रूस ने यूक्रेन में कई मिसाइलें दागीं, जिससे घरों और इमारतों में ख़ासा नुक़सान पहुंचा और इसकी चपेट में आकर कई आम शहरियों की मौत हो गई. रूस ने उसके दो फौजी हवाई अड्डों पर यूक्रेन के ड्रोन हमले किए जाने का इल्ज़ाम लगाने के बाद यह कार्रवाई की है.
रूस-यूक्रेन के दरमियान 9 माह से जारी है जंग
रूस में इस हमले के बाद नौ महीने से जारी जंग के मज़ीद तेज़ होने का अंदेशा पैदा हो गया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश की रक्षा करने के लिए हर उपलब्ध साधन का इस्तेमाल करने की धमकी दी है. रूस बमबारी के जवाब में लगभग हर हफ्ते यूक्रेन में धमाका कर रहा है. पुतिन ने आंशिक रूप से मरम्मत के बाद 5 दिसंबर को यह दिखाने के लिए इस पुल पर कार चलाई कि उनका देश इस हमले से हुई शर्मिंदगी से उबर सकता है. पुतिन ने क्रीमिया पर अपने दावे को मज़बूत करने की कोशिश के तहत 2018 में 19 किलोमीटर लंबे इस पुल का उद्घाटन किया था. रूस ने क्रीमिया पर 2014 में क़ब्ज़ा कर लिया था.
रूस के ताज़ा हमले में 4 की मौत: यूक्रेन
यूक्रेन ने सर्दी का मौसम आने के दौरान और नुक़सान पहुंचाने की अपनी रणनीति के तहत सोमवार को यूक्रेन में कई मिसाइलें दागीं. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि "सोमवार को हुए हमलों में चार लोगों की मौत हो गई". यूक्रेन की एयरफोर्स ने सोमवार को कहा कि रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ अपने ताज़ा हमले में तक़रीबन 70 मिसाइल दागीं जिनमें से 60 से ज़्यादा को गिरा दिया गया. यूक्रेन की आधारभूत संरचना को निशाना बनाकर रूस ने हालिया वक़्त में हमले तेज़ कर दिए हैं जिससे देश में बिजली, पानी की सप्लाई मुतास्सिर हो गई है और सर्दियों की दस्तक देने के साथ ही अवाम बिजली की परेशानी से जूझ रहे हैं. यूक्रेन की फौज ने कहा कि हमले में रूस के लंबी दूरी के बम, लड़ाकू विमान और निर्देशित मिसाइलें भी शामिल थीं.
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