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चीन: भारतीय संगीत पर चीनी भाषा में बुक लांच, किताब में हैं 3 लाख से अधिक शब्द

पुस्तक विमोचन के बाद नृत्य शिक्षिका लोकेश्वरी दासगुप्ता द्वारा मनमोहक कथक डांस किया गया. इसके साथ ही चीनी कलाकारों ने भरतनाट्यम, सितार व तबला वादन की शानदार प्रस्तुति के जरिए वहां उपस्थित चीनी लोगों को डांस और संगीत की धुन पर झूमने को मजबूर कर दिया. 

चीन: भारतीय संगीत पर चीनी भाषा में बुक लांच, किताब में हैं 3 लाख से अधिक शब्द
(फाइल फोटो)

बीजिंग: भारतीय कला, संस्कृति और संगीत की दुनियाभर में अपनी पहचान है. चीन में भी भारतीय संगीत को समझने और चाहने वालों की कमी नहीं है. इसका एक उदाहरण बुधवार को पेइचिंग स्थित भारतीय दूतावास में देखने को मिला, जहां तमाम चीनी लोगों की मौजूदगी में भारतीय संगीत पर चीनी भाषा में एक पुस्तक का विमोचन किया गया. चीनी विद्वान और प्रोफेसर छन चमिंग द्वारा लिखित इस किताब में तीन लाख से अधिक शब्द हैं, जिसमें भारतीय संगीत के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है.

कुल 13 अध्याय वाली इस पुस्तक में भारतीय संगीत की संस्कृति की पृष्ठभूमि, उद्भव और इतिहास, लोक संगीत, संगीत के प्रकार, राग व कहानियों के साथ-साथ संगीत वाद्य यंत्रों, प्रसिद्ध संगीतकारों का परिचय मिलता है. वहीं भारतीय संगीत के प्रसार व प्रभाव और समकालीन चीन में भारतीय नृत्य पर भी प्रकाश डाला गया है. 'भारतीय संगीत की संस्कृति' नामक पुस्तक का विमोचन दूतावास के डीसीएम एक्विनो विमल और जानी-मानी भरतनाट्यम गुरु लीला सैम्सन ने किया. इस मौके पर पुस्तक के लेखक ने भारत के प्रति अपने लम्बे जुड़ाव और संगीत प्रेम का उल्लेख किया.

उन्होंने उम्मीद जताई कि संगीत के माध्यम से चीन और भारत के सम्बंध मजबूत होंगे. भरतनाट्यम गुरु लीला सैम्सन ने चीनी संगीत प्रेमियों और शिक्षकों के साथ अपनी मित्रता व अनुभव बांटे. जबकि भारतीय दूतावास में डीसीएम एक्विनो विमल ने कहा कि "भारत व चीन के मध्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता जा रहा है.

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की वूहान में हुई भेंट ने रिश्तों को नए स्तर पर पहुंचाया है, जो आने वाले समय में और प्रगाढ़ होंगे."  पुस्तक विमोचन के बाद नृत्य शिक्षिका लोकेश्वरी दासगुप्ता द्वारा मनमोहक कथक डांस किया गया. इसके साथ ही चीनी कलाकारों ने भरतनाट्यम, सितार व तबला वादन की शानदार प्रस्तुति के जरिए वहां उपस्थित चीनी लोगों को डांस और संगीत की धुन पर झूमने को मजबूर कर दिया.