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7वां वेतन आयोग : हजारों स्‍टेशन मास्‍टर गए हड़ताल पर, Railway ने किए फौरी इंतजाम

7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर भारतीय रेल के हजारों स्‍टेशन मास्‍टर शनिवार को हड़ताल पर रहेंगे.

(प्रतीकात्मक फोटो)
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्‍ली: 7वें वेतन आयोग की मांग को लेकर भारतीय रेल के हजारों स्‍टेशन मास्‍टर शनिवार (11 अगस्‍त) को हड़ताल पर रहेंगे. ऑल इंडिया स्‍टेशन मास्‍टर्स एसोसिएशन (AISMA) ने यह 24 घंटे की हड़ताल बुलाई है. उनकी मांग है कि 7वें वेतन आयोग में स्‍टेशन मास्‍टरों के साथ किए गए भेदभाव को खत्‍म किया जाए. एसोसिएशन का दावा है कि 7वें वित्‍त आयोग की सिफारिशों के लागू होने से उनका प्रमोशन का स्‍कोप खत्‍म हो गया है. एसोसिएशन के मुताबिक स्‍टेशन मास्‍टर को पूरे कॅरियर में सिर्फ एक प्रमोशन मिलेगा. ऐसा 7वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत हुआ है. एसोसिएशन का कहना है कि इससे स्‍टेशन मास्‍टर की प्रगति रुक जाएगी.

रेल राज्‍य मंत्री प्रतिनिधिमंडल से मिला
हड़ताली स्‍टेशन मास्‍टरों का कहना है कि नए वेतन आयोग में सिर्फ दो पे स्‍केल-4200 रुपए और 4600 रुपए है. इसका मतलब उन्‍हें पूरे कॅरियर में सिर्फ एक प्रमोशन मिलेगा. इंडिया टुडे की खबर के अनुसार 4800 रुपए का पे स्‍केल सिर्फ फाइनेंशियल अपग्रेडेशन है. एसोसिएशन ने तीसरे मॉडिफाइड एश्‍योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन स्‍कीम (MACPS) के लाभ मांगे हैं. इसमें स्‍टेशन मास्‍टर के स्‍ट्रेस और सेफ्टी एलाउंस का प्रावधान है. एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि‍मंडल रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन से मिला था. उन्‍होंने अपना मांग पत्र मंत्री को सौंपा है.

रेलवे ने RPF से स्थिति संभालने को कहा
इस बीच, भारतीय रेल ने रेलवे प्रोटेक्‍शन फोर्स (RPF) से कहा है कि इस हड़ताल के कारण किसी भी तरह की अनहोनी नहीं होनी चाहिए. आरपीएफ को हिदायत की गई है कि वह रेलवे स्‍टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों की आवाजाही में रेल कर्मचारियों का सहयोग करें. इसके लिए वह स्‍थानीय अधिकारियों और प्रशासन की मदद ले सकते हैं. ट्रेनों के आने-जाने में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. उधर, एसोसिएशन ने कहा है कि वह ट्रेन सेवा नहीं रोकेगी और स्‍टेशन मास्‍टर अपनी ड्यूटी के आधार पर काम करेंगे.

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महाराष्‍ट्र में भी 17 कर्मचारी रहे थे हड़ताल पर
इस हफ्ते की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार के करीब 17 लाख कर्मचारी 7वें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग को लेकर 7 अगस्‍त से हड़ताल पर चले गए थे. वह 9 अगस्‍त तक हड़ताल पर रहे. उनकी मांग सैलरी हाइक के साथ-साथ 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों जल्‍द से जल्‍द लागू करने को लेकर है. हालांकि इस हड़ताल में 1.5 लाख राजपत्रित अधिकारी शामिल नहीं हैं. राज्‍य सरकार ने सोमवार (7 अगस्‍त 2018) को एक प्रस्‍ताव जारी किया था, जिसमें कहा गया कि डीए का 14 माह का पेंडिंग एरियर का भुगतान जल्‍द होगा. इसके बाद गजटेड अफसर हड़ताल से अलग हो गए थे.

जनवरी 2019 से मिलेगा राज्‍य कर्मचारियों को नया वेतनमान
जुलाई में महाराष्‍ट्र सरकार ने ऐलान किया था कि वह अपने कर्मचारियों को जनवरी 2019 से 7वें वेतन आयोग का लाभ देना शुरू करेगी. इस पर कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार सिर्फ आश्‍वासन दे रही है, लेकिन अब इससे काम नहीं चलेगा. उसे हमारी मांगें तुरंत माननी होंगी. उसे 7वें वेतन आयोग को तुरंत लागू करना होगा. महाराष्ट्र राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के महासचिव अविनाश दौंद ने दावा किया कि तीसरे एवं चौथी श्रेणी के सरकारी कर्मचारी के हड़ताल में शामिल होने के कारण सरकारी अस्पतालों सहित विभिन्न विभागों में आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं.

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