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तल्ख हुए भारत और अमेरिका के रिश्ते, Sensex में भारी गिरावट

बीएसई सेंसेक्स 491.28 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,960.79 अंक पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान यह नीचे में 38,911.49 तथा ऊंचे में 39,540.42 अंक तक गया. 

तल्ख हुए भारत और अमेरिका के रिश्ते, Sensex में भारी गिरावट
भारत ने भी अमेरिकी सामानों पर टैक्स लगा दिया है. (फाइल)

मुंबई: अमेरिकी सामानों पर जवाबी कर लगाने के बाद स्थिति बिगड़ गई है. तनाव के मद्देनजर शेयर बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है. व्यापारिक युद्ध की शुरुआती संभावनाओं के चलते Sensex 491 अंक और निफ्टी 151 अंकों से ज्यादा टूट कर बंद हुआ. बीएसई सेंसेक्स 491.28 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,960.79 अंक पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान यह नीचे में 38,911.49 तथा ऊंचे में 39,540.42 अंक तक गया. इसी प्रकार, एनएसई निफ्टी 151.15 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,672.15 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह नीचे में 11,657.75 तथा ऊंचे में 11,844.05 अंक तक गया.

एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति ठीक नहीं
पश्चिमी एशिया में फिलहाल भू-राजनीतिक स्थिति ठीक नहीं है. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार पहले से जारी है, जिसके चलते अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले 250 अरब डॉलर के सामानों पर टैक्स बढ़ा दिया. जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर टैक्स बढ़ा दिया है. चाइनीज टेक्नो जायंट हुआवे (Huawei) को अमेरिका ने अपने देश में बैन कर दिया है. जिसके बाद क्वॉलकम और गूगल जैसी कंपनियों ने हुआवे को अपनी सेवा जारी रखने से इनकार कर दिया. विश्वभर के निवेशक इस व्यापारिक युद्ध की वजह से कहीं भी निवेश करने से डर रहे हैं..

भारत-अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट
दूसरी तरफ, ट्रंप प्रशासन ने भारत से GSP दर्ज वापस ले लिया. इसका मतलब अब भारतीय सामानों पर अमेरिका में टैक्स वसूल किया जाएगा, जो पहले नहीं वसूला जाता था. इसके बाद एल्युमिनियम और इस्पात के सामानों पर भी टैक्स बढ़ाया गया. जवाब में भारत ने भी अमेरिका से आयात होने वाले 29 सामानों पर टैक्स बढ़ा दिया है. इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते में कड़वाहट आ गई है.

फेडरल रिजर्व के फैसले का दिखेगा असर
मानसून में देरी और कमी का भी नकारात्मक असर दिख रहा है. विश्लेषकों का अनुमान है कि सकारात्मक घरेलू कारकों के अभाव में बाजार भू-राजनीतिक गतिविधियों, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता और फेडरल रिजर्व (अमेरिकी सेंट्रल बैंक) के ब्याज दर के बारे में निर्णय जैसे कारकों से प्रभावित होगा. एशिया के अन्य बाजारों में सियोल शेयर बाजार नुकसान में रहे. वहीं शंघाई, हांगकांग और तोक्यो के बाजारों में तेजी रही. यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी रही.