जल्दी खरीद लें पॉलिसी, पिछले 7 साल में डबल हुआ इंश्योरेंस का प्रीमियम, ये रहा सबसे बड़ा कारण

अगर आपने भी अभी तक किसी तरह का इंश्योरेंस नहीं लिया है तो देर ना करें. आने वाले दिनों में इंश्योरेंस प्रीमियम और बढ़ सकता है. 

जल्दी खरीद लें पॉलिसी, पिछले 7 साल में डबल हुआ इंश्योरेंस का प्रीमियम, ये रहा सबसे बड़ा कारण
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली (बृजेश कुमार). आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंश्योरेंस जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन लगातार बढ़ते मार्केट और नए प्लान की वजह से इंश्योरेंस लेना महंगा भी हो रहा है. इसलिए अगर आपने भी अभी तक किसी तरह का इंश्योरेंस नहीं लिया है तो देर ना करें. सरकार और इंश्योरेंस रेगुलेटर की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोग हेल्थ कवर लें. लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का बढ़ना इसमें अड़ंगा बन सकता है. हाल में रिज़र्व बैंक की ओर से जारी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक सात साल में हेल्थ इंश्योरेंस का औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम करीब दोगुना हो गया है. 2010-11 में औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम 2,377 रु था. लेकिन 2017-18 तक आते-आते ये 4,595 रुपए हो गया. 

क्यों बढ़ा प्रीमियम
फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक प्रीमियम बढ़ने के पीछे नए प्रोडक्ट और ज्यादा सुविधाओं वाली पॉलिसी हो सकती है. इसके अलावा बड़ी उम्र के लोगों का हेल्थ इंश्योरेंस कवर में आना भी प्रीमियम बढ़ने के पीछे वजह हो सकता है. जबकि जो पहले से हेल्थ कवर में हैं उनकी ओर से ज्यादा बीमा कवर की मांग भी प्रीमियम बढ़ने का एक कारण हो सकता है. बढ़ते प्रीमियम का ही असर है कि इंडिविजुअल पॉलिसी की बिक्री की रफ्तार कम हो रही है.

बढ़ रहा इंश्योरेंस का दायरा
आंकड़ों के मुताबिक हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3.3 करोड़ तक पहुंची है. लेकिन इसमें बड़ी संख्या सरकारी स्कीमों के दायरे में आने वालों और ग्रुप हेल्थ कवर वालों की है. इंडिविजुअल पॉलिसी खरीदारों का प्रतिशत 2011-12 में 10 फीसदी था. लेकिन 2017-18 में ये घटकर 7 फीसदी पर आ गया. हालांकि आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार ने कम आय वर्ग के करीब 55 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इंश्योरेंस का फायदा मिल सके.