बारिश आई साथ महंगाई भी लाई, हर घर का बिगड़ा बजट; बढ़े दामों ने निचोड़ी जेब
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बारिश आई साथ महंगाई भी लाई, हर घर का बिगड़ा बजट; बढ़े दामों ने निचोड़ी जेब

Vegetable Price Rise: देश के ज्यादातर राज्य लगातार बारिश के कारण अब असहज महसूस करने लगे हैं. बारिश का असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण बारिश के बाद महंगे हो रहे फल और सब्जी के दाम.

बारिश आई साथ महंगाई भी लाई, हर घर का बिगड़ा बजट; बढ़े दामों ने निचोड़ी जेब

Vegetable Price Rise: देश के ज्यादातर राज्य लगातार बारिश के कारण अब असहज महसूस करने लगे हैं. बारिश का असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण बारिश के बाद महंगे हो रहे फल और सब्जी के दाम. बारिश के चलते जहां टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं वहीं, अन्य सब्जियों की कीमत भी अब तीन अंकों में पहुंच गई है. आइये आपको बताते हैं बारिश के कारण टमाटर के साथ-साथ किन सब्जियों के दाम में तेज बढ़ोतरी हुई है.

देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और जून में फैली गर्मी के कारण सब्जियों की कीमतों में लगभग 30 से 40 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. टमाटर की खुदरा कीमतें कुछ राज्यों में 120 रुपये प्रति किलोग्राम और इससे भी अधिक तक पहुंच गई हैं, आलू की कीमतें 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, जबकि भिंडी और बीन्स भी 100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गए हैं. यहां तक कि बैंगन और अदरक के दाम भी तीन अंकों के पार पहुंच गए हैं.

फलों की कीमतों का भी यही हाल है, क्योंकि आम 100 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं जबकि केले 60 रुपये प्रति दर्जन हैं. यहां तक कि नींबू भी खराब मौसम से नहीं बचे हैं, जिससे उनकी आपूर्ति प्रभावित हुई है और उनकी दरें 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं.

बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि अगर अगले एक हफ्ते तक बारिश इसी तरह जारी रही तो सब्जियों और फलों की कीमतों में उछाल जारी रहेगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर बारिश कम हो गई, तो कुछ हफ्तों में कीमतें कम हो सकती हैं, क्योंकि मध्य और दक्षिणी भारत से सब्जियों के ताजा स्टॉक से आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है.

उपभोक्ता विभाग ने कहा है कि जहां तक टमाटर की कीमतों का सवाल है, हर साल इस समय के आसपास कीमतें बढ़ जाती हैं, हालांकि हिमाचल प्रदेश से जल्द ही ताजा आपूर्ति की उम्मीद के साथ, इस महीने के अंत तक कीमतें स्थिर होने की संभावना है.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कम आपूर्ति और भारी बारिश के कारण टमाटर की कीमतें बढ़ी हैं. हालांकि, दोनों राज्यों में अभी भी भारी बारिश का असर है, ऐसा लगता नहीं है कि टमाटर की कीमतें जल्द ही कम होने की संभावना नहीं है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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