5th lowest June rainfall since 1901: 1901 के बाद 2026 का जून पांचवां सबसे सूखा रहा. जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे खरीफ खेती, फसल उत्पादन और खाद्य महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है.
El Nino Effect: प्रशांत महासागर में सक्रिय 'सुपर एल नीनो' के कारण कमजोर मॉनसून की आशंका है. इससे चारे की कमी से दूध 3 से 4 प्रतिशत और महंगा हो सकता है. साथ ही बारिश घटने से दाल, तेल और सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ सकता है. आइए समझते हैं पूरा गणित...
अमेरिका में महंगाई ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इन्फ्लेशन 4.0% पर पहुंच गया है, जो तीन साल के उच्चतम स्तर पर है. खाड़ी युद्ध का असर अमेरिका में दिखा और महंगाई बढ़ गई. हालांकि अमेरिका की ये महंगाई उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं रहने वाली. इसकी चपेट में भारत भी आएगा.
Retail Inflation: खाड़ी युद्ध की वजह से भारत में तेल और गैस की बढ़ी कीमतों का असर महंगाई के आंकड़ों पर दिखने लगा है. मई 2026 में रिटेल महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिली है. भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से शुक्रवार, 12 जून को आंकड़े जारी किए गए.
पिछले कुछ सप्ताह से बाजार, उद्योग जगत और आर्थिक विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि क्या RBI महंगाई की आशंकाओं और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव करेगा. लेकिन, RBI ने फिलहाल इंतजार करने और परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने का रास्ता चुना है.
Global Recession India economy Impact: दुनिया भर में बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरों और अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर मंदी के मुहाने पर है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और धीमी वैश्विक वृद्धि (अनुमानित 2.9 प्रतिशत) के बीच भारत 6.5 प्रतिशत की दर से सबसे मजबूत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता का असर भारत के रोजगार और आम आदमी की जेब पर भी पड़ सकता है.
देश में लगतार बढ़ रही महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है. आज हालत यह है कि लोग कमाने से ज्यादा खर्चों से डरने लगे हैं. सब्ज़ियों से लेकर बस किराए तक हर चीज महंगी होती जा रही है, जिससे जीवन बुरी तरीके से प्रभावित हुआ है.
Bread Price Hike News: अमेरिका और ईरान की जंग का असर आपके किचन तक पहुंच चुकी है. LPG सिलेंडर के दाम , पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने के बाद अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम में 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी. दूध के दाम बढ़ने के बाद चाय की लागत बढ़ गई है.
What is Wholesale Price Index: अप्रैल में CPI 3.8 फीसदी पर और अब थोक महंगाई दर (WPI) 42 महीनों के हाई पर पहुंच गया है. थोक महंगाई दर बढ़ने से आप पर क्या असर होगा? आपकी जेब पर इस महंगाई दर बढ़ने का क्या असर होने वाला है? कैसे ये आंकड़े खतरनाक असर डाल सकते हैं समझते हैं अर्थशास्त्री डॉ शरद कोहली से.
WPI: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर भारतीय बाजार में दिखाई देना शुरू हो गया है. थोक महंगाई दर उछलकर पिछले साढ़े तीन साल के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है. इसका असर रिटेल महंगाई दर पर भी देखने को मिलेगा.
एक तरफ मिडिल ईस्ट युद्ध की चपेट में है. भारत में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है. युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है. सप्लाईन चेन टूटने से महंगाई का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच भारत में रिटेल मंहगाई दर ने झटका दिया है. फरवरी में देश में महंगाई दर बढ़ गई है.
महंगाई को लेकर हर कोई चिंतित रहता है, महंगाई का सीधा असर लोगों की जेब और उनकी सेविंग पर पड़ता है. ऐसे में बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट राहत देने वाली है. देश में बढ़ती महंगाई के बीच ये रिपोर्ट राहत लेकर आई है.
खाने-पीने की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई के आंकड़ों पर दिखा.
Inflation Rate: देश में महंगाई दर में लगातार गिरावट जारी है. पिछले दिनों सरकार की तरफ से की गई जीएसटी कटौती के बाद इसमें और गिरावट आने की उम्मीद है. एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया कि महंगाई दर गिरकर 0.35 प्रतिशत पर आ सकती है.
सब्जी-दाल की कीमतों में गिरावट का असर थाली की कीमतों पर दिखा. वेज और नॉन वेज दोनों ही थालियों की कीमत में गिरावट आई है.
बिहार में विधानसभा चुनाव के खुशखबरी के बीच महंगाई के मोर्चे पर सरकार के लिए राहत की खबर आई है. भारत में थोक मुद्रास्फीति दर या महंगाई दर अक्टूबर में कम होकर -1.21 प्रतिशत हो गई है, जो कि सितंबर में 0.13 प्रतिशत थी.
आमतौर पर हम नेशनल पेंशन सिस्टम को बुढ़ापे के लिए सेविंग फंड के तौर पर मानते हैं, लेकिन नए एनपीएस विड्रॉल रूल इसे इंफ्लेशन लिंक्ड पेंशन सिस्टम में तब्दील कर सकते हैं.
पाकिस्तान में टमाटर की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है. 11 अक्टूबर से सीमा बंद होने के बाद से न केवल व्यापार पूरी तरह ठप है. बल्कि रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छूने लगे हैं.
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने शनिवार को आंकड़े जारी किये हैं. डेटा के मुताबिक, सितंबर 2025 में कृषि श्रमिकों के लिए महंगाई दर -0.07 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के लिए 0.31 प्रतिशत दर्ज की गई.
भारतीय स्टेट बैंक की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार भारत में मुद्रास्फीति का आंकड़ा अगले महीने लगभग 0.45 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो कि निर्णायक कार्रवाई के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है.रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजारों के अलग-अलग वर्गों और आम लोगों की सामूहिक आवाज होने के
Veg Thali Cost: सरकार की ओर से जीएसटी कटौती कर रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम घटाने की पहल की गई. तेल, घी, बटर...रसोई में इस्तेमाल होने वाली तमाम घरेलू चीजों के दाम गिर गए. वहीं सब्जियों की कीमत कम होने से थाली का रेट कम हो गया.
भारत में थाली की कीमत देश की महंगाई का हाल बताती है. अगर महंगाई घटी तो थाली सस्ती हो जाएगी. अगर महंगाई से बेहाल किया तो थाली का स्वाद बिगड़ जाता है. अगस्त महीने में भारतीय घरों की थाली का हाल कैसा रहा, इसके आंकड़े सामने आ गए हैं.