'ब्लैक स्पॉट', जिन्‍हें हर शहर से खत्‍म करने जा रही है मोदी सरकार

इस पूरी परियोजना में लगभग 14,000 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. 

'ब्लैक स्पॉट', जिन्‍हें हर शहर से खत्‍म करने जा रही है मोदी सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर....

आपके आसपास कई ऐसी जगह होंगे जहां बार-बार एक्सीडेंट होते रहते हैं. इन पर सभी का ध्यान जाता है, इसकी वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लोग हादसे के शिकार होते हैं. लेकिन कोई इनकी सुध नहीं लेता.  दुर्घटना वाले इन ब्लैक स्पॉट्स के लिए केंद्र सरकार एक नई परियोजना पर काम करना शुरु कर चुकी है. सरकार अब पूरे देश में ऐसी जगहों की निशानदेही कर रही है और इन्हें बंद कर रही है कि कोई भी व्यक्ति ऐसी जगहों पर हादसे का शिकार न बनें.

एक ही जगह पर होते हैं 10-10 हादसे
केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री  नितिन गड़करी ने आज संसद को जानकारी देते हुए कहा कि देश में सैकड़ों ऐसे जगह हैं जहां 10-10 दुर्घटनाएं हो जाती हैं. इन जगहों पर हादसों का कारण ब्लैक स्पॉट है. सरकार अब पूरे देश में ऐसे ब्लैक स्पॉट्स को बंद करेगी. ताकि ऐसे दुर्घटनाओं से जान-माल को बचाया जा सके. 

ब्लैक स्पॉट परियोजना में सरकार खर्च करेगी 14,000 करोड़ रुपए
नितिन गडकरी ने आगे बताया कि पूरे देश में पहले ब्लैक स्पॉट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम चलाया जाएगा. एक बार ऐसी खतरनाक जगहों की निशानदेही हो जाने के बाद सरकार ऐसे ब्लैक स्पॉट्स को बंद करने का काम शुरु करेगी. इस पूरे परियोजना में लगभग 14,000 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. केंद्र सरकार ऐसे दुर्घटना संभावित स्पॉट्स की जगह वैकल्पिक सड़क बनाने पर भी काम करेगी.

5 लाख से ज्यादा होते हैं सड़क दुर्घटनाएं
नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार 2016 में लगभग 4.80,652 सड़क दुर्घटनाएं हुए. इस दौरान लगभग 1.50 लाख की मौत हुई. सड़क दुर्घटनाओं की वजह से लगभग 4.94 लाख बुरी तरह से जख्मी हुए थे.

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