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सस्ते स्मार्टफोन के लिए रहिए तैयार, इन 3 बड़ी वजहों से मिलेगा बंपर डिस्काउंट

नई FDI पॉलिसी 1 फरवरी से लागू होने जा रही है, जिसकी वजह से ऑनलाइन एक्सक्लूसिव ब्रांड्स पर स्टॉक खाली करने का दबाव है.

सस्ते स्मार्टफोन के लिए रहिए तैयार, इन 3 बड़ी वजहों से मिलेगा बंपर डिस्काउंट
नई पॉलिसी लागू हो जाने के बाद आसुस, लेनोवे, ऑनर जैसे ऑनलाइन एक्सक्लूसिव हैंडसेट ब्रांड्स को अपने स्मार्टफोन का स्टॉक खाली करना होगा.

नई दिल्ली: जनवरी महीने में आपको सस्ते स्मार्टफोन खरीदने का मौका मिल सकता है. अमेजन और फ्लिपकार्ट को भरोसा था कि फेस्टिव सीजन में बहुत ज्यादा बिक्री होगी, इसलिए स्टॉक बहुत ज्यादा मंगा लिया गया था. लेकिन, उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं होने के कारण बहुत स्टॉक पड़ा हुआ है. इधर ई-कॉमर्स कंपनियों को डर है कि नई FDI नीति लागू कर दी जाएगी. ऐसे में इनकी कोशिश है कि नई नीति से पहले ऑफर देकर स्टॉक खाली कर लिया जाए.

जनवरी महीने में सस्ते स्मार्टफोन बिकने की तीन बड़ी वजहें हैं. पहली ये की ई-कॉमर्स के लिए नई FDI पॉलिसी 1 फरवरी से लागू होने जा रही है. इसलिए, इन कंपनियों को 31 जनवरी तक अपना स्टॉक खाली करना होगा. नई पॉलिसी लागू हो जाने के बाद आसुस, लेनोवे, ऑनर जैसे ऑनलाइन एक्सक्लूसिव हैंडसेट ब्रांड्स को अपने स्मार्टफोन का स्टॉक खाली करना होगा. ऑनर, आसुस, रियलमी और लेनेवो की मार्केट पर अच्छी पकड़ बन रही है, जिसकी वजह से इनका स्टॉक भी बड़ा है.

ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्ती से FDI निवेश को लग सकता है झटका

सूत्रों की मानें तो अमेजन और फ्लिपकार्ट के पास अभी तक दिवाली का स्टॉक पड़ा हुआ है. ऑनलाइन एक्सक्लूसिव होने की वजह से स्टॉक धीरे-धीरे खाली होता है. यही वजह है कि रियलमी और हुआवे ऑफलाइन मार्केट की तरफ भी बढ़ रही है. नए नियम के मुताबिक, ई-कॉमर्स कंपनियों के एक्सक्लूसिव डील पर रोक लगाई गई है.

दूसरी सबसे बड़ी वजह है कि सरकार ने साफ-साफ कहा है कि एक वेंडर एक ई-कॉमर्स कंपनी पर अधिकतम 25 फीसदी इनवेंटरी बेच सकता है. इस नियम के चलते ब्रांड्स को अलग-अलग ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ करार करना होगा. साथ ही ऑफलाइन रूट भी अपनाना होगा.

ऑफलाइन चैनल का विस्तार करना जरूरी
मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई पॉलिसी के बाद इन कंपनियों के पास दो ही ऑप्शन बचे हैं. पहला कि डिस्काउंट ऑफर देकर स्टॉक खाली करें और दूसरा ऑफलाइन चैनल का विस्तार करें. साथ ही ये ब्रांड्स अधिक से अधिक ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ करार कर सकते हैं. रियलमी और ऑनर का कहना है कि आने वाले दिनों में वह ऑफलाइन चैनल का विस्तार तो करेगा ही, साथ ही ऑनलाइन मौजूदगी को और मजबूत करेगा.