31 मार्च से पहले 5 बैंकों की बल्ले-बल्ले, सरकार से मिली 21,428 करोड़ की पूंजी

सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों को सरकार से 21,428 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश मिला है. इन बैंकों को अपने शेयरधारकों से सरकार को शेयरों के तरजीही आवंटन के जरिये पूंजी प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई.

31 मार्च से पहले 5 बैंकों की बल्ले-बल्ले, सरकार से मिली 21,428 करोड़ की पूंजी

नई दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों को सरकार से 21,428 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश मिला है. इन बैंकों को अपने शेयरधारकों से सरकार को शेयरों के तरजीही आवंटन के जरिये पूंजी प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंजूरी मिल गई. इन बैंकों को यह पूंजी निवेश 31 मार्च, 2019 को पूरे होने वाले वित्त वर्ष के लिए मिला है. इन बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) और यूनियन बैंक शामिल हैं.

बैंकों ने शेयर बाजार को भेजी सूचना
पीएनबी की तरफ से शेयर बाजार को भेजी गई सूचना में कहा गया कि उसके शेयरधारकों की यहां हुई असाधारण आम बैठक में सरकार को तरजीही आधार पर 80,20,63,535 इक्विटी शेयर प्रीमियम के साथ 71.66 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर जारी और आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इससे बैंक को 5,908 करोड़ रुपये की पूंजी प्राप्त हुई है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने उसे 5,042 करोड़ रुपये की पूंजी डालने के फैसले के बारे में सूचित किया है.

28 मार्च को हुई असाधारण आम बैठक
यूनियन बैंक ने कहा कि पूंजी कोष जुटाने के लिए ऋणदाताओं की समिति (सीडीआरसीएफ) ने गुरुवार को 78.84 रुपये के निर्गम मूल्य पर सरकार को 52,15,62,658 इक्विटी शेयर जारी कर 4,111.99 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दे दी. इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) ने बयान में कहा कि उसके शेयरधारकों की 28 मार्च को हुई असाधारण आम बैठक में 14.12 रुपये (4.12 रुपये प्रीमियत सहित) प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर 2,69,54,67,422 इक्विटी शेयर तरजीही आधार पर सरकार को जारी करने के विशेष प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. बैंक को सरकार से 3,806 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश मिलेगा.

इससे बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 89.39 प्रतिशत से बढ़कर 92.52 प्रतिशत हो जाएगी. इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 37.25 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर 68,72,48,322 शेयर जारी कर 2,560 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है. इससे बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 89.40 प्रतिशत से बढ़कर 91.20 प्रतिशत हो गई.