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ईरान से तेल में नहीं मिलेगी छूट, भारत ने कहा- कोई फर्क नहीं पड़ेगा, हम किसी भी हालात के लिए तैयार

भारत ने मंगलवार को कहा कि ईरान से तेल आयात पर अमेरिकी छूट के समाप्त होने से पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए वह 'पर्याप्त रूप से तैयार' है. 

ईरान से तेल में नहीं मिलेगी छूट, भारत ने कहा- कोई फर्क नहीं पड़ेगा, हम किसी भी हालात के लिए तैयार
.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को कहा कि ईरान से तेल आयात पर अमेरिकी छूट के समाप्त होने से पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए वह 'पर्याप्त रूप से तैयार' है. भारत का कहना है कि वह अपनी ऊर्जा व आर्थिक सुरक्षा के हितों की रक्षा के लिए 'सभी संभव मार्ग तलाशने के लिए' अमेरिका और दूसरे साझीदार देशों के साथ बातचीत जारी रखेगा. अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने वाले कुछ देशों को दी गई छूट की समय सीमा दो मई के बाद आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है.

अमेरिका के फैसले की घोषणा के एक दिन बाद यहां जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, " सरकार ने ईरान से कच्चा तेल के सभी खरीददारों को महत्वपूर्ण कटौती छूट को जारी नहीं रखने के अमेरिकी सरकार ने फैसले पर विचार किया है."

उन्होंने कहा, "हम इस फैसले के प्रभाव से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पहले ही इस संबंध में एक बयान जारी किया है." इससे पहले,पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने एक मजबूत योजना बनाई है ताकि मई 2019 से देश के तेल शोधक कारखानों (रिफानरी) में कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित हो.

मंत्रालय के अनुसार, दुनिया के विभिन्न हिस्सों के अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों से कच्चे तेल की अतिरिक्त आपूर्ति होगी. मंत्रालय ने कहा, "देश में पेट्रोल और डीजल व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की मांग की पूर्ति में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए भारत के तेलशोधक कारखाने पूरी तरह तैयार हैं."

अमेरिका ने सोमवार को घोषणा की कि ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबंध में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और तुर्की को दी गई छूट की समय सीमा दो मई 2019 के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी. अमेरिका के इस फैसले का मकसद ईरान के राजस्व के मुख्य स्रोत को बंद करना है.

ईरान और दुनिया की छह प्रमुख शक्तियों के बीच 2015 की परमाणु समझौते से अमेरिका को हटाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद नवंबर में अमेरिका ने ईरान से तेल निर्यात पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा संबंधी हितों की रक्षा के लिए हर संभव मार्ग तलाशने के लिए अमेरिका समेत साझेदार देशों के साथ बातचीत जारी रखेगी. भारत अपनी खपत का 10 फीसदी तेल ईरान से खरीदता है.

हालांकि अमेरिकी प्रतिबंध के बाद 2018-19 में ईरान से तेल के आयात में थोड़ी कमी आई है, लेकिन यह अभी भी करीब दो करोड़ टन सालाना है. ईरान वाणिज्यिक दृष्टि से भी तेल का आकर्षक निर्यातक है क्योंकि वह भारत को 60 दिनों की क्रेडिट अवधि, तेल पर छूट व बीमा समेत बेहतर शर्तो की पेशकश करता है.