फरवरी के बाद काम के नहीं रह जाएंगे PayTm, PayPal जैसे मोबाइल वॉलेट, जानिए क्यों

रिजर्व बैंक के मुताबिक, फरवरी 2019 तक सभी मोबाइल वॉलेट को अपने यूजर्स के वेरिफिकेशन का काम पूरा करना होगा.

फरवरी के बाद काम के नहीं रह जाएंगे PayTm, PayPal जैसे मोबाइल वॉलेट, जानिए क्यों
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद e-KYC का काम नहीं हो पा रहा है.

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद मोबाइल वॉलेट का प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ा. डिजीटल इकोनॉमी में मोबाइल वॉलेट का बहुत बड़ा योगदान है. मसलन, PayTm, MobiKwik, PayUMoney,State Bank Buddy,ICICI Pockets, HDFC Chillr के जरिए धड़ल्ले से ट्रांजैक्शन किए जा रहे हैं. लेकिन, सभी वॉलेट फरवरी के बाद काम के नहीं रह जाएंगे. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अक्टूबर 2017 में निर्देश दिया था कि सभी कस्टमर के वेरिफिकेशन का काम (KYC-Know Your Customer) फरवरी 2019 तक पूरा कर लिया जाए. लेकिन, ज्यादातर कंपनियां इस काम को पूरा करने में असफल रही हैं. टोटल यूजर के कुछ फीसदी का ही KYC हो पाया है. 90 फीसदी से ज्यादा यूजर्स का अभी तक वेरिफिकेशन नहीं हुआ है.

ज्यादातर यूजर्स के KYC का काम नहीं होने की वजह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है. 26 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने आधार को लेकर बड़ा फैसला दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि प्राइवेट फर्म द्वारा Aadhaar का इस्तेमाल वेरिफिकेशन के लिए करना असंवैधानिक है. आधार का इस्तेमाल केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और देने में पहचान के तौर पर किया जा सकता है. कोर्ट के फैसले के बाद बैंक अकाउंट खुलवाने और मोबाइल सिम लेने के लिए भी आधार की जरूरत नहीं रह गई है.

कोर्ट के फैसले के बाद e-Kyc पूरी तरह बंद हो गया है. हालांकि, कुछ कंपनियों ने इसके बाद ऑफलाइन वेरिफिकेशन का रास्ता अपनाया, लेकिन इस काम को पूरा करने में खर्च बहुत बढ़ गया है. पेमेंट इंडस्ट्री का ये भी कहना है कि RBI ने KYC के दूसरे रास्तों को लेकर भी साफ-साफ कुछ नहीं बताया है.

पेटीएम और दूसरे मोबाइल वॉलेट का अगर KYC पूरा नहीं है तो आप इसके जरिए ट्रांजैक्शन नहीं कर सकते हैं. KYC के तौर पर दूसरे डॉक्यूमेंट्स (DL, पैन कार्ड, वोटर आई कार्ड) को अभी ठीक से एक्सेप्ट नहीं किया जा रहा है. ऐसे में मार्च तक ज्यादातर मोबाइल वॉलेट के बंद होने की पूरी संभावना है.