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कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की चिंता में सेंसेक्स, निफ्टी में तीसरे दिन गिरावट

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की चिंता से मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरकर बंद हुये. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 38,832.61 अंक के उच्चतम और 38,518.26 अंक के न्यूनतम स्तर के दायरे में रहे.

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की चिंता में सेंसेक्स, निफ्टी में तीसरे दिन गिरावट

मुंबई : कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की चिंता से मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरकर बंद हुये. उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 38,832.61 अंक के उच्चतम और 38,518.26 अंक के न्यूनतम स्तर के दायरे में रहे. करीब 300 अंक के दायरे में उतार-चढ़ाव आने के बाद कारोबार की समाप्ति पर सूचकांक 80.30 अंक यानी 0.21 प्रतिशत घटकर 38,564.88 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 18.50 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 11,575.95 अंक पर बंद हुआ. जबकि दिन में कारोबार के दौरान इसमें 80.50 अंक के दायरे में उतार चढ़ाव देखा गया.

कंपनियों के तिमाही परिणाम पर भी नजर
कारोबारियों की नजर देश में चल रहे आम चुनावों और कंपनियों के तिमाही परिणाम पर भी है. ये परिणाम आने वाले कुछ सप्ताह तक घरेलू शेयर बाजारों की चाल तय करेंगे. बीएसई सेंसेक्स में गिरावट की अहम वजह वित्त और वाहन क्षेत्र की कंपनियों के शेयर में गिरावट आना है. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान मारुति को हुआ. इसका शेयर 3.60 प्रतिशत गिर गया. यस बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, हीरो मोटोकॉर्प और एनटीपीसी के शेयर में 2.33 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी.

फायदे में रहे 10 कंपनियों के शेयर
फायदे में रहने वाले शेयरों में ओएनजीसी, सन फार्मा, बजाज फाइनेंस, कोल इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजी और हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनियों के शेयर 3.93 प्रतिशत तक बढ़ गये. बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों के शेयरों में से 20 गिरावट में बंद हुये जबकि 10 कंपनियों के शेयरों में लाभ रहा.

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से निवेशक अलर्ट
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेस के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, 'तेल कीमतों में तेज उछाल के चलते लगातार दो दिन की गिरावट के बाद आज कारोबार एक निश्चित दायरे में हुआ. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से निवेशकों का रुख सावधनी भरा रहा. चुनावी मौसम में अन्य गतिविधियां जारी रह सकती हैं जबकि तिमाही परिणाम निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे.' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार को ईरान से तेल आयात पर किसी भी देश को आगे और छूट देने से इनकार के बाद निवेशकों की धारणा कमजोर हुई.

वहीं कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए नकारात्मक स्थिति है क्योंकि इससे राजकोषीय घाटा और मुद्रा पर दबाव बढ़ सकता है. वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चे तेल का दाम 0.62 प्रतिशत चढ़कर 74.50 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा है जो छह माह का उच्चतम स्तर है. वित्त कंपनियों में सबसे खराब प्रदर्शन यस बैंक का रहा. इसका शेयर 2.33 प्रतिशत गिरा जबकि अन्य में इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी रहीं.