माल्या को सताने लगा जेल जाने का डर, कहा- 1992 से मैं ब्रिटेन का निवासी

माल्या ने ट्वीट कर कहा कि बैंकों के मेरे ऊपर जितने कर्ज थे, उससे ज्यादा की वसूली की जा चुकी है.

माल्या को सताने लगा जेल जाने का डर, कहा- 1992 से मैं ब्रिटेन का निवासी
विजय माल्या पर बैंकों के 14000 करोड़ बकाया हैं, जिसकी रिकवरी की जा रही है. (फाइल)

नई दिल्ली: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने के लिए भारतीय जांच एजेंसियां पूरी कोशिश कर रही है. बहुत हद तक इसमें सफलता भी मिली है. माल्या को अब लगने लगा है कि बहुत जल्द उसे भारत लाया जाएगा. रविवार (31 मार्च) सुबह-सुबह उसने दो ट्वीट कर अपनी बार सामने रखी. उसने कहा कि मैं 1992 से इंग्लैंड का निवासी हूं. इस तथ्य का इंकार किया जा रहा है और मुझे भगोड़ा घोषित किया जा रहा है.

माल्या ने ट्वीट कर कहा, "भारत में मेरी इमेज एक पोस्टर ब्वॉय की तरह बना दी गई है. इस बात की पुष्टि खुद पीएम मोदी कर चुके हैं. मैंने पीएम मोदी के हालिया इंटरव्यू को देखा. उस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मेरा नाम लेकर कह रहे हैं कि बैंकों के मेरे ऊपर 9000 करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन सरकार ने उनकी 14000 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया है. मतलब साफ है कि मैंने जितना लोन लिया था उसकी रिकवरी हो चुकी है. रिकवरी होने के बावजूद बीजेपी के प्रवक्ता अपनी राग गाते रहते हैं और मुझे भगोड़ा बताया जाता है.

पिछले दिनों माल्या के शेयर बेचकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1008 करोड़ रुपये जुटाये थे. माल्या के यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) के शेयरों की बिक्री से ये पैसे आए थे. इन शेयरों की बिक्री DRT द्वारा की गई.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसियों ने माल्या के शेयरों को जब्त किया था. ये शेयर Yes Bank के पास पड़े थे. कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर DRT ने यह कार्रवाई की थी.

इस कार्रवाई के बाद भी माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि मुझे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. इसके बावजूद, बैंकों ने कर्ज का बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया है. जिस तरह से रिकवरी की जा रही है, वह मैंने अपने सेटरमेंट प्रपोजल में भी डाला था. लेकिन, यहां मनमर्जी हो रही है और मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है.

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.