वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देगा कभी रन आउट न होने वाला यह स्टार बल्लेबाज
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वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देगा कभी रन आउट न होने वाला यह स्टार बल्लेबाज

डुमिनी ने अब तक 193 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 5047 रन बनाए है. एकदिवसीय मैचों में डुमिनी ने 68 विकेट भी हासिल किए हैं

जेपी ने इससे पहले साल 2017 में टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः साउथ अफ्रीका के स्टार क्रिकेटर जेपी डुमिनी ने वर्ल्ड कप 2019 के बाद संन्यास लेने का फैसला किया है. डुमिनी ने संन्यास लेने की घोषणा लेते हुए कहा कि इंग्लैंड में होने होने वाला वर्ल्ड कप उनका आखिरी वनडे टूर्नामेंट होगा. श्रीलंका के खिलाफ केपटाउन में होने वाला एकदिवसीय मैच दक्षिण अफ्रीकी जमीन पर उनका आखिरी वनडे मैच होगा. हालांकि डुमिनी ने इस बात की भी घोषणा कि की वनडे मैचों से संन्यास लेने के बाद वे टी 20 क्रिकेट खेलते रहेंगे. जेपी ने इससे पहले साल 2017 में टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी रन आउट न होने का अनोखा रिकार्ड डुमिनी के नाम है.

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आपको बता दें कि इंग्लैंड में होने वाला आगामी वर्ल्ड कप जेपी डुमिनी का तीसरा वर्ल्ड कप होगा. डुमिनी ने अब तक 193 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 5047 रन बनाए है. एकदिवसीय मैचों में डुमिनी ने 68 विकेट भी हासिल किए हैं. श्रीलंका के खिलाफ केपटाउन में होने वाला मैच जेपी का 194वां मैच होगा. उन्होंने 2004 में  श्रीलंका के खिलाफ अपना डेब्यू किया था. जेपी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में मुझे फिर से अपने करियर और भविष्य के कुछ लक्ष्यों को निर्धारित करने का मौका मिला है. उन्होंने कहा कि मेरा परिवार मेरी प्राथमिकता है और मै अब अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं. डुमिनी ने अपने वनडे कैरियर में 4 शतक और 27 अर्द्धशतक लगाएं हैं.

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यह अफ्रीकी क्रिकेटर इससे पहले 2011 और 2015 में वर्ल्ड कप खेल चुका है. एक ICC रिपोर्ट के मुताबिक जेपी टी 20 क्रिकेट खेलते रहेंगे. डुमिनी ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं जो मुझे क्रिकेट खेलने का मौका मिला. मैं उन सभी लोगों का बहुत शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया. उन्होंने कहा कि मैं अपने सभी साथी खिलाड़ियों, कोच, दोस्त और फैंस का इतना समर्थन देने के लिए हमेंशा शुक्रगुजार रहूंगा. जेपी के जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका को उनका विकल्प ढूढ़ने में दिक्कत आएगी. डुमिनी अफ्रीकी टीम में मध्यक्रम की रीढ़ थे. साउथ अफ्रीका को जल्द ही उनका ऑप्शन ढूंढ़ना होगा. 

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