जिम जाते समय न करें ये गलतियां, नहीं तो उठाना पड़ सकता भारी नुकसान

अकसर लोगों को भ्रम होता है जब आप व्यायाम करना बंद कर देते हैं, तो शरीर मोटा हो जाता है. गौर करें कि मसल और फैट दोनों के अलग गुण होते है.

जिम जाते समय न करें ये गलतियां, नहीं तो उठाना पड़ सकता भारी नुकसान

नई दिल्ली: आज के दौर में कसरती बदन बनाने के लिए युवाओं में जिम जाने का क्रेज काफी बढ़ा है. युवाओं में फिटनेस कल्चर (fitness) में खुद को शामिल करने की ललक नजर आती है. हालांकि इसमें कोई शक नहीं कि बॉडी से लुक्स तो बेहतर बनते ही है, शरीर में भी मजबूती आती है. व्यायाम के तौर-तरीकों पर गौर करें, क्योंकि गलत तरीके से व्यायाम करने से  शरीर के अंगों, जोड़ों में चोट आ सकती है. अकसर सिक्स पैक एब्स बनाने के चक्कर में युवा जल्दबाजी करने लगते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में उठाना पड़ता है. बात ध्यान रखने की है, कि अन्य मांसपेशियों की तरह, पेट की मांसपेशियों को भी पर्याप्त आराम की जरूरत होती है. इसलिए बेहतर यही होगा कि आप एब्स की एक्सरसाइज एक दिन छोड़कर करें.

-शरीर के एक हिस्से की लगातार एक्सरसाइज (exercise) करने से चोट लगने की संभावना काफी रहती है. मजबूती बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप व्यायाम उस सीमा तक ही करें, जहां तक आप सह सकने में सक्षम हो. यह बेहद जरूरी है कि आप मांसपेशियों (muscle) को एक दिन का आराम दे. इसलिए इस बात की सलाह दी जाती है कि मांसपेशियों को थकान से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त आराम दें. भारी वजन उठाने का फर्क अकसर कमर पर पड़ता है.

-अकसर एक्सरसाइज को लेकर लोगों को लेकर काफी मिथक होते है. अकसर लोगों को भ्रम होता है जब आप व्यायाम करना बंद कर देते हैं, तो शरीर मोटा हो जाता है. गौर करें कि मसल और फैट (fat) दोनों के अलग गुण होते है. मसल कभी फैट में बदल नहीं सकती है और फैट कभी मसल में नहीं. जब आप व्यायाम करना बंद कर देते है, तो आपकी मसल, कसरत करने के पहले वाली अवस्था में आ जाती है.

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क्या शरीर गलत सिग्नल दे रहा है ?
अकसर युवा गलतफहमी में रहते हैं कि अगर एक्सरसाइज के दौरान दर्द नहीं होगा, तो इसका मतलब है कि फायदा नहीं हो रहा है. देखिए, शरीर में दर्द होना इस बात का संकेत है कि कुछ सही नहीं हो रहा. ध्यान रखें कि वर्कआउट (workout) के दौरान आपको दर्द हो रहा है, तो आप या तो कसरत बंद कर दें या उसकी गति धीमी कर दें. हालांकि आपको मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए और अपनी सहनशक्ति को बढ़ाने में थोड़ी असुविधा होगी, लेकिन  अगर ये दर्द हद से ज्यादा है, तो ये सावधान रहने का सिग्नल है.

झोलाछाप ट्रेनर नहीं
ट्रेनर चुनने से पहले पूरी तस्दीक कर लें कि वह ट्रेनर कितना योग्य है. कई ट्रेनर तो ऐसे होते हैं, जिनके पास न तो कोई डिग्री होती है और न ही उन्हें फिटनेस ट्रेनिंग के बारे में सही जानकारी होती है. किसी योग्य ट्रेनर से ही प्रशिक्षण लें.

खान-पान का रखें ध्यान
पसीने के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम होती है. ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं. आप ऐसी डाइट लें, जिसमें पोषक तत्वों, फाइबर की अधिकता हो और फैट की मात्रा कम हो. विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में लेते रहें.

हानिकारक सप्लीमेंट से तौबा
अकसर युवा जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में स्टेरॉयड सरीखे हानिकारक सप्लीमेंट लेते है, जो कि सेहत के लिए काफी नुकसान दायक होते है. सप्लीमेंट शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम के साथ कई दूसरे हिस्सों को हानि पहुंचाते है.

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(नोट: कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें)

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