मुश्किल नहीं ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण, बस इन बातों का रखें ख्याल

कई चीजें या तो ब्लड प्रेशर को सीधे बढ़ा देती हैं या उन्हें लेने से उच्च रक्तदाब रोधक दवाओं का असर कमजोर हो जाता है. इनमें मुलेठी, दर्द-निवारक दवाएं और मदिरा सम्मिलित हैं.

मुश्किल नहीं ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण, बस इन बातों का रखें ख्याल

नई दिल्ली: जैसे ही ब्लड प्रेशर बढ़े होने का पता चलता है, वैसे ही मन तरह-तरह की चिंताओं से आशंकित हो उठता है. लगता है कि जैसे अब सारी उम्र तरह-तरह के परहेजों की गुलामी करते बीतेगी और दवाओं से पिंड नहीं छूटने वाला. न जाने फिर भी यह निर्दयी शरीर पर क्या-क्या जुल्म ढाएगा. लेकिन सच यह है कि जीवन में थोड़ा-सा संयम, थोड़ा-सा अनुशासन, थोड़ा-सी सकारात्मक सोच गूंथ लेने से बढ़े हुए रक्तदाब (blood pressure) को आसानी से मुट्ठी में किया जा सकता है.
  
वजन घटाएं
अगर वजन अधिक है तो उसे किसी भी तरह स्वस्थ सीमा में लाने का प्रयत्न करें. नपा-तुला खाएं और खूब चलें-फिरें. वजन घटाने (weight loss) से सिस्टोलिक रक्तदाब पर जादुई असर पड़ता है. हर 10 किलो वजन घटाने से ब्लड प्रेशर में 5-20 मिलीमीटर मरक्यूरी तक की कमी होती देखी गई है.

स्वस्थ आहार के गुण 
हमारे खानपान का ब्लड प्रेशर से गहरा रिश्ता है. भोजन जितना प्राकृतिक वनस्पतियों से युक्त हो और जितना कम परिष्कृत और वसायुक्त हो उतना ही अच्छा है. मायने ये कि खूब तो ताजे फल (fruits) और शाक-सब्जियां (vegitables) खाएं. शुद्घ दूध की बजाय स्प्रेटा दूध पीएं. भोजन में संतृप्त वसा और वसा की कुल मात्रा घटा दें. खानपान संबंधी इन सरल नियमों को जीवन में जितना जल्दी उतार लें, उतना ही रक्तदाब पर स्वस्थ असर पड़ेगा. इतना भर करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 8-14 अंक तक घट सकता है.

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नमक का हिसाब
हाई ब्लड प्रेशर के 40-50 प्रतिशत रोगियों में नमक (salt) घटाने से रक्तदाब पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है. दिनभर में 24 ग्राम सोडियम या 6 ग्राम नमक लेना ही वाजिब है. मायने ये कि दाल-सब्जी में  सामान्य नमक और अचार, पापड़, नमकीन और ऊपर से नमक बुरकने पर पूरी-पूरी कटौती. इन सोडियम- सेंसेटिव मरीजों में नमक पर नजर रखने से रक्तदाब में 2-8 अंक की घटत होती देखी गई है. मगर 50-60 प्रतिशत मरीजों में नमक घटाने का कोई लाभ नहीं नजर आता. यह देखने के लिए कि नमक घटाना फायदेमंद है कि नहीं, तीन महीने तक संयम बरत कर देखें. ब्लड प्रेशर घटता दिखे तो लाभ मानिए, वरना रोक-टोक  का कोई लाभ नहीं.  

धूम्रपान 
धूम्रपान छोड़ने से रक्तदाब नहीं घटता, लेकिन विभिन्न अंगों पर पड़ने वाले ब्लड प्रेशर के दुष्परिवर्तनों जैसे ऐंजाइना, दिल का दौरा और मस्तिष्क आघात की दर में महत्वपूर्ण कमी लाने में मदद मिलती है.

कुछ परहेज भी हैं जरूरी
कई चीजें या तो ब्लड प्रेशर को सीधे बढ़ा देती हैं या उन्हें लेने से उच्च रक्तदाब रोधक दवाओं का असर कमजोर हो जाता है. इनमें मुलेठी, दर्द-निवारक दवाएं और मदिरा सम्मिलित हैं. उनसे परहेज बरतें या उन्हें सीमित मात्रा में ही लें.

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(नोट: कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें)