भारत-दक्षिण कोरिया के बीच वैश्विक अपराध से लड़ने समेत 7 MoU पर हुए हस्ताक्षर

व्यापार, निवेश, रक्षा तथा सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर रचनात्मक बातचीत के बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए.

भारत-दक्षिण कोरिया के बीच वैश्विक अपराध से लड़ने समेत 7 MoU पर हुए हस्ताक्षर
दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए. (फोटो साभार-आईएएनएस)

सियोल: भारत और दक्षिण कोरिया ने आधारभूत ढांचे के विकास, मीडिया, स्टार्टअप्स, सीमा पार और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए शुक्रवार (21 फरवरी) को सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर यहां गुरुवार को पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री का ‘द ब्लू हाउस’ में आधिकारिक स्वागत किया गया. यह सियोल में राष्ट्रपति मून जेइ इन का कार्यकारी कार्यालय तथा आधिकारिक आवास है.

दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा तथा सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर रचनात्मक बातचीत के बाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मीडिया, स्टार्टअप्स, पुलिस तथा अन्य क्षेत्रों में सात दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर अदला बदली हुई.

पहला समझौता कोरियाई राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी तथा गृह मंत्रालय के बीच हुआ. यह समझौता दोनों देशों में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा सीमा पार और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के क्षेत्र में किया गया है.

 

दूसरा समझौता राजकुमारी सूरीरत्ना (रानी हूर ह्वांग-ओक) की याद में संयुक्त टिकट जारी करने के लिए हुआ. वह अयोध्या की राजकुमारी थीं, जो कोरिया आईं थीं और फिर उन्होंने किंग किम सूरो से विवाह कर लिया था. बड़ी संख्या में कोरियाई लोग उनके वंशज होने का दावा करते हैं. दोनों पक्षों ने निवेश, मीडिया, सड़क एवं परिवहन के क्षेत्र में ढांचागत विकास जैसे अनेक अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हस्ताक्षर किए. 

गौरतलब है कि पीएम मोदी, राष्ट्रपति मून जेइ इन के आमंत्रण पर दक्षिण कोरिया आए हैं. 2015 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की कोरिया गणराज्य की यह दूसरी यात्रा है और राष्ट्रपति मून जेइ इन के साथ यह उनकी दूसरी शिखर बैठक है.