अमरिंदर सिंह ने कहा, पूरा देश 'परेशान', हमारे 41 लोग मार दिए गए, हमें उनके 82 चाहिए

अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह आंख के बदले आंख और दांत के बदले दांत की मांग करते हैं.

अमरिंदर सिंह ने कहा, पूरा देश 'परेशान', हमारे 41 लोग मार दिए गए, हमें उनके 82 चाहिए
.(फाइल फोटो)

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि कश्मीर में भारतीय जवानों की निर्मम हत्या से पूरा देश ‘परेशान’ है और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.  यह कार्रवाई सैन्य, राजनयिक या आर्थिक रूप से की जा सकती है या तीनों को मिलाकर की जा सकती है. सिंह ने पुलवामा हमले में शहीद हुए प्रत्येक जवान के लिए दो को मारने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना गोलियां चला रही है और प्रधानमंत्री इमरान खान भी वहां सेना की ही ‘पौध’ हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे 41 लोग मार दिए गए, हमें उनके 82 चाहिए.' उन्होंने कहा कि वह आंख के बदले आंख और दांत के बदले दांत की मांग करते हैं.

उन्होंने कहा कि यह सोचना केंद्र सरकार का काम है कि वह किस तरह की कार्रवाई करेंगे लेकिन यह सपष्ट है कि कुछ कदम तत्काल उठाए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘ भारत अभी तत्काल कार्रवाई चाहता है. ” यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है, ‘‘ कोई किसी को युद्ध शुरू करने के लिए नहीं कह रहा है लेकिन सैनिकों की हत्या कोई मजाक नहीं है. 

कुछ करने की जरूरत है. मैं परेशान हूं, पूरा देश परेशान है. ' मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार जो भी कदम उठाएगी वह उसका समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ पाकिस्तान के पास परमाणु बम है, सिर्फ इसलिए वह भारत को ब्लैकमेल नहीं कर सकता.  भारतीय सुरक्षा बलों ने 1999 में करिगल में उन्हें तब भी हराया था जब उनके पास परमाणु क्षमता थी.'

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ अगर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमारे सैनिकों को मार सकते हैं तो हमें भी कुछ करने की जरूरत है.' सिंह का यह बयान उनके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धु के बयान के बाद आया है. सिद्धू ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से बातचीत की मांग की थी. पूर्व सैनिक सिंह ने कहा कि सेना को युवाओं पर पैलेट गन चलाने और उन्हें अंधा करने की जगह जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कश्मीर में कार्रवाई करनी चाहिए.  कश्मीर के युवाओं का मन प्रेम और प्यार से जीतने की जरूरत है.  सिंह ने कहा कि पुलवामा हमले को लेकर खुफिया विफलता पर भी सवाल पूछे जाने चाहिए और केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा.