राज्यसभा में शिवसेना पर शाह का निशाना, 'आपने रातों-रात अपना स्टैंड क्यों बदल लिया'

गृहमंत्री अमित ने शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए लोग कैसे-कैसे रंग बदलते हैं, यह आज महाराष्ट्र की जनता ने देख लिया.   

राज्यसभा में शिवसेना पर शाह का निशाना, 'आपने रातों-रात अपना स्टैंड क्यों बदल लिया'
राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा जारी है.

नई दिल्ली: राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा जारी है. गृहमंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे हैं. शाह ने एक बार फिर दोहराया कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. इस दौरान शाह ने शिवसेना पर निशाना साधा. शाह ने कहा कि सत्ता के लिए लोग कैसे-कैसे रंग बदलते हैं और ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने रातों-रात अपना स्टैंड बदल लिया. शाह ने कहा, "मुझे आश्चर्य होता है कि सत्ता के लिए लोग कैसे-कैसे रंग बदलते हैं. शिवसेना ने सोमवार को लोक सभा में बिल का समर्थन किया. महाराष्ट्र की जनता जानना चाहती है कि रात में ऐसा क्या हुआ कि शिवसेना ने अपना स्टैंड बदल दिया."

गौरतलब है कि शिवसेना ने लोकसभा में जब इस बिल को पेश किया गया था तो शिवसेना ने समर्थन किया था. बताया जाता है कि कांग्रेस में शिवसेना के कदम पर भारी नाराजगी जताई थी. जब बारी राज्यसभा की आई तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने यू-टर्न लेते हुए कहा कि नागरिक संशोधन विधेयक पर विस्तृत चर्चा हो, तभी समर्थन देंगे.

आज राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दैरान शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, "ऐसा कहा गया है कि जो इस बिल के विरोध में हैं वह देशद्रोही हैं. यह भी कहा गया जो इस बिल का विरोध करेगा, वह पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. तो क्या यह पाकिस्तान की असेंबली है. देश के कई हिस्सों में इस बिल का विरोध हो रहा है. त्रिपुरा में असम और नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में इसका विरोध हो रहा है. उन्होंने कहा कि किसी से हमें देशभक्ति का प्रमाण पत्र नहीं चाहिए. क्योंकि आप जिस स्कूल में पढ़ते हो उस स्कूल के हेड मास्टर हम हैं." 
 
शाह ने कहा, "इस बिल में मुसलमानों का कोई अधिकार नहीं जाता. ये नागरिकता देने का बिल है, नागरिकता लेने का बिल नहीं है. मैं सबसे कहना चाहता हूं कि भ्रामक प्रचार में मत आइए. इस बिल का भारत के मुसलमानों की नागरिकता से कोई संबंध नहीं है. लाखों-करोड़ों लोग नर्क की यातना में जी रहे थे क्योंकि वोट बैंक के लालच के अंदर आंखे अंधी हुई थी, कान बहरे हुए थे, उनकी चीखें नहीं सुनाई पड़ती थी. नरेन्द्र मोदी जी ने केवल और केवल पीड़ितों को न्याय करने के लिए ये बिल लेकर आए हैं." 

उन्होंने आगे कहा, "इतिहास तय करेगा कि 70 साल से लोगों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया था. इसको न्याय नरेन्द्र मोदी जी ने दिया, इतिहास इसको स्वर्ण अक्षरों से लिखेगा. पहले भी निश्चित समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने नागरिकता के मामले पर निर्णय लिया है. इस बार भी तीन देशों में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार लोगों के लिए ही तीन देशों को शामिल किया गया है. इसमें किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया गया है." 

ये भी देखें: 

शाह ने कांग्रेस के विरोध पर जवाब देते हुए कहा, "डॉ मनमोहन सिंह ने भी पहले इसी सदन में कहा था कि वहां के अल्पसंख्यकों को बांग्लादेश जैसे देशों में उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। अलग उनको हालात मजबूर करते हैं तो हमारा नैतिक दायित्व है कि उन अभागे लोगों को नागरिकता दी जाए." 

उन्होंने सदन में कांग्रेस के संकल्प को पढ़ते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान के उन सभी गैर मुस्लिमों को पूर्ण सुरक्षा देने के लिए बाध्य है जो उनकी उनके जीवन और सम्मान की रक्षा के लिए सीमा के उस पार से भारत आए हैं, या आने वाले हैं. आज आप अपने ही संकल्प को नहीं मान रहे हैं."