पैसे लेकर अनशन खत्म करने के आरोप पर अन्ना ने NCP नेता को भेजा नोटिस

अन्ना हजारे की ओर से उनके वकीलों ने नोटिस भेजकर नवाब मलिक से कहा है कि वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या फिर कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहें.

पैसे लेकर अनशन खत्म करने के आरोप पर अन्ना ने NCP नेता को भेजा नोटिस
NCP नेता नवाब मलिक के आरोप से अन्ना हजारे काफी आहत हैं.
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लैलेश बारगेज, मुंबई: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रवक्ता नवाब मलिक को कानूनी नोटीस भेजा है. ZEE24 तास के कार्यक्रम में नवाब ने आरोप लगाया था कि अन्ना हजारे पैसे लेकर अपना अनशन वापस लेते हैं. अन्ना हजारे की ओर से उनके वकीलों ने नोटिस भेजकर नवाब मलिक से कहा है कि वह सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या फिर कानूनी लड़ाई के लिए तैयार रहें.

मालूम हो कि अन्ना हजारे 30 जनवरी से अनशन पर बैठे हैं. उनके चिकित्सक का कहना है कि अन्ना का रक्तचाप और रक्त में शुगर की मात्रा काफी बढ़ गई है. हजारे केंद्र और महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार निरोधक निगरानीकर्ताओं की नियुक्ति तथा किसानों के मुद्दों के निपटारे की मांग पर राज्य के अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि में तीन दिन से भूख हड़ताल पर हैं. अन्ना के समर्थन में उतरे स्थानीय नागरिकों ने केन्द्र और राज्य सरकारों पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. 

PMO के ‘रुखे रवैये’ के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थकों ने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से एक पत्र मिला है, जिसमें गांधीवादी नेता के प्रति ‘रुखा रवैया’ झलकता है. अन्ना हजारे महाराष्ट्र स्थित अपने गांव में इतने दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं. अन्ना हजारे के प्रवक्ता श्याम असावा ने बताया कि पीएमओ से ‘रुखी’ प्रतिक्रिया मिलने पर पश्चिमी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में उनके रालेगण सिद्धि गांव में विरोध प्रदर्शन में इजाफा हुआ.

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी 81 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा पिछले महीने भेजे गये पत्र पर प्रधानमंत्री के उत्तर में ‘रुखा रवैया’ झलकने के कारण ग्रामीण गुस्से में हैं. असावा ने बताया कि महिलाओं सहित कुछ प्रदर्शनकारी गांव में एक टावर के ऊपर चढ़ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जबकि कुछ ग्रामीणों ने पारनेर-वाडेगवहान मार्ग पर यातायात बाधित किया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

पीएमओ की ओर से कथित रूप से भेजे गये पत्र में कहा गया है, ‘आपका पत्र मिला, धन्यवाद और शुभकामनाएं.’ असावा ने कुछ संवाददाताओं को यह पत्र दिखाया. एक जनवरी 2019 को पीएमओ को भेजे पत्र में हजारे ने केन्द्र और महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार विरोधी क्रमश: लोकपाल एवं लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति की मांग की थी. उन्होंने किसानों के मुद्दों के समाधान की भी मांग थी.