अपनी रिटायरमेंट पर बोले जनरल बिपिन रावत, 'जवानों के सहयोग से मिलती है सफलता'

आज जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं. अपने रिटायरमेंट डे पर जनरल रावत ने सेना के जवानों के धन्यवाद दिया. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने आज से देश के 28वें आर्मी चीफ का कार्यभार ग्रहण करेंगे.

अपनी रिटायरमेंट पर बोले जनरल बिपिन रावत, 'जवानों के सहयोग से मिलती है सफलता'
(फोटो साभार - ANI)

नई दिल्‍ली: जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) आज सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं. आज सबसे पहले जनरल बिपिन रावत नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे और शहीदों को नमन किया. इसके बाद जनरल रावत को साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. अपने रिटारमेंट के दिन जनरल रावत ने कहा, 'मैं भारतीय सेना के जवान और उनके परिवारों को धन्यवाद देता हूं. पिछले तीन सालों से जिस तरह से उन्होंने सहयोग दिया उसी के कारण मैं अपना तीन सालों का कार्यकाल पूरा करने में सफल हुआ. ठंड में सीमा पर तैनात जवानों को सलाम.  मैं वीर नारी, वीर माताओं, हमारे शहीदों के परिवारों को भी बधाई देता हूं. मैं अपने जवानों और उनके परिवारों को नए साल की शुभकामनाएं देता हूं.'

उन्होंने कहा, 'बिपिन रावत सिर्फ एक नाम है वो चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जब बनता है जब उसमें पूरी आर्मी शामिल होती है. उनके परिवार शामिल होते हैं. अकेला कोई आदमी कुछ नहीं साबित कर सकता है. सब कुछ सारे जवानों और ओहदेदारों का है. आज मैं जनरल मनोज मुकुंद नरवाने (General Manoj Mukund Naravane) को उनके कार्यकाल के शुभकामनाएं देता हूं. हम उनका सहयोग करते रहेंगे. भारतीय सेना उनका सहयोग करती रहेगी. कुछ ऐसे काम होते हैं जो अधूरे रह जाते हैं. हम शुरुआत कर देते हैं और आगे जो ओहदा संभालते हैं उनकी जिम्मेदारी बनती है वह उसे पूरे करें.'

जनरल रावत ने कहा, 'चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का कार्यकाल बहुत जिम्मेदारी का होता. अभी तक मैं इसी पर ध्यान दे रहा था. आगे जो मुझे ओहदा दिया जाएगा. उस पर आगे ध्यान दिया जाएगा. जब तक मैं हैंडओवर चार्ज नहीं करता जब तक मैं सेना प्रमुख ही हूं. उसी पर मेरा ध्यान है. मैं आप सभी को भी धन्यवाद देता हूं. आप सभी ने मुझे काफी सपोर्ट किया. अब मैं आशा करता हूं कि आगे भी आप जनरल नरवाने को भी ऐसे ही सपोर्ट करेंगे.'

साउथ ब्लॉक जनरल बिपिन रावत को उनके रिटायरमेंट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिय गया.

जनरल बिपिन रावत ने आज अपने रिटायरमेंट डे पर नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. जनरल रावत 1 जनवरी से देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पदभार संभालेंगे.

बता दें कि बिपिन रावत के बाद लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने आज (31 दिसंबर) को देश के 28वें आर्मी चीफ का कार्यभार ग्रहण करेंगे. फिलहाल वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ के पद पर तैनात नरवाने जनरल बिपिन रावत का स्‍थान ग्रहण करेंगे. जनरल रावत का तीन साल का कार्यकाल आज समाप्‍त हो रहा है. नरवाने के सेना प्रमुख का पद संभालने के साथ ही सेना के तीनों अंगों के प्रमुख नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) के एक ही बैच के होंगे. एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया, नेवी चीफ एडिमरल करमबीर सिंह और एमएम नरवाने एनडीए के 56वें कोर्स के बैचमेट हैं.

जनरल रावत देश के पहले सीडीएस बनाए हैं. सरकार ने 24 दिसंबर को आधिकारिक तौर से सीडीएस बनाने की घोषणा कर दी थी. सीडीएस फोर स्टार जनरल होगा और वह रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एक नए विभाग, डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री एफेयर्स के सेक्रेटरी के तौर पर काम करेगा और सरकार (राजनैतिक नेतृत्व) को सैन्य मामलों पर सलाह देगा. सरकार ने साफ कर दिया कि सीडीएस सीधे तौर से थलसेना, वायुसेना और नौसेना के कमांड और यूनिट्स को कंट्रोल नहीं करेगा. लेकिन उसके अंतर्गत सेना के तीनों अंगों के साझा कमांड और डिवीजन होंगे. 

सीडीएस की भूमिका?
भारत का पहला तीनों सेनाओं का अध्यक्ष यानी सीडीएस (CDS) रक्षा मंत्रालय के तहत डिपार्टमेंट ऑफ मिलिटरी अफेयर्स का मुखिया होंगे. सीडीएस (CDS) रक्षामंत्री से रक्षा मामलों से जुड़े मसलों पर सीधे संपर्क कर सकेगा और राय दे सकेगा. तीनों सेनाओं की सारी सम्मिलित कमान यानी ट्राइ सर्विस कमांड अब सीडीएस (CDS) के अधीन होंगी. करगिल युद्ध के बाद कारगिल रिव्यू कमेटी और नरेश चंद्रा कमेटी ने सीडीएस (CDS) की सिफारिश की थी. 

जनरल बिपिन रावत बने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सरकार ने किया ऐलान

सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल
इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल का साथ-साथ रक्षा बजट का उचित इस्तेमाल हो सकेगा. तीनों सेनाओं के ऑफिसरों का ट्रेनिंग स्कूल यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी सीडीएस (CDS) की कमान में होगा. इसके अलावा आर्म्ड फोर्सेज़ मेडिकल सर्विस, इंजीनियरिंग सर्विस और नेशनल डिफेंस कॉलेज भी सीडीएस (CDS) की कमान में होगा. सैनिक संचार के लिए जिम्मेदार सिग्नल ऑफिसर इंचार्ज भी सीडीएस (CDS) को रिपोर्ट करेगा. इसी साल बनाई गईं तीनों सेनाओं की साझा कमान स्पेशल ऑपरेशन डिविज़न, डिफेंस साइबर एजेंसी और डिफेंस स्पेस एजेंसी भी सीडीएस (CDS) को रिपोर्ट करेंगी.

भविष्य की रणनीति बनाएंगे
सीडीएस (CDS) को सबसे प्रमुख जिम्मेदारी भविष्य की रणनीति बनाने की होगी. भविष्य में तीनों सेनाओं की सम्मिलित कमान यानी थियेटर कमान की योजना बनाने का काम भी सीडीएस (CDS) करेगा. तीनों सेनाओं को मिलने वाले बजट का उचित इस्तेमाल करने के लिए सीडीएस (CDS) डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल यानि डीएसी का सदस्य होगा.

डीएसी सारे रक्षा जरूरतों को पूरा करती है और सारे सौदे करती है. तीनों सेनाओं के पास मौजूद संसाधनों को अब आपस में बांटा जा सकेगा और सीडीएस (CDS) तीनों सेनाओं के पास मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों के उचित इस्तेमाल के लिए भी ज़िम्मेदार होगा.

आर्मी एक्ट में बदलाव, 3 साल होगा CDS का कार्यकाल; इतने साल होगी रिटायरमेंट की उम्र
रक्षा मंत्रालय ने सेना नियमों, 1954 में कार्यकाल और सेवा के नियमों में संशोधन किया है. मंत्रालय ने 28 दिसंबर की अपनी अधिसूचना में कहा है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) या ट्राई-सर्विसेज प्रमुख 65 साल की आयु तक सेवा दे सकेंगे. इसमें कहा गया, "बशर्ते की केंद्र सरकार अगर जरूरी समझे तो जनहित में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की सेवा को विस्तार दे सकती है." जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख पद से 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे. मौजूदा नियमों के अनुसार, तीन सेवाओं के प्रमुख 62 साल की आयु तक या तीन साल तक सेवा दे सकते हैं.

इस घटनाक्रम को सरकार के भारत के पहले सीडीएस के पद के पंसद के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर को सीडीएस पोस्ट और इसके चार्टर व ड्यूटीज को मंजूरी दे दी थी.

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