LoC को लेकर अलर्ट रहे सेना, कभी भी बिगड़ सकते हैं हालात : सेना प्रमुख बिपिन रावत

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने फौज को सचेत रहने को कहा है. यहां आपको बता दें कि वर्तमान सेना प्रमुख बिपिन रावत 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं. भारतीय सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने वायुसेना के अगले प्रमुख होंगे.

LoC को लेकर अलर्ट रहे सेना, कभी भी बिगड़ सकते हैं हालात : सेना प्रमुख बिपिन रावत
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने सेना को अलर्ट पर रहने को कहा है.

नई दिल्ली: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने कहा है कि एलओसी पर कभी भी हालात बिगड़ सकते हैं. उन्होंने बुधवार को कहा कि LoC पर हर हालात के लिए तैयार रहना होगा. जनरल रावत ने फौज को सचेत रहने को कहा है. यहां आपको बता दें कि वर्तमान सेना प्रमुख बिपिन रावत (Bipin Rawat) 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं. भारतीय सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने वायुसेना के अगले प्रमुख होंगे.

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से जम्मू कश्मीर में सीमा पार से सीजफायर उल्लंघन के मामले बढ़ गए हैं, जिसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान किसी हरकत को अंजाम दे सकता है. सेना प्रमुख के बयान को इसी को ध्यान में रखकर देखा जा रहा है.

जम्मू-कश्मीर में पीओके गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल : जनरल रावत
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने 25 अक्टूबर को कहा था कि जब भारत जम्मू एवं कश्मीर को संदर्भित करता है, तो इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं. जनरल रावत मानेकशॉ सभागार में एक व्याख्यान दे रहे थे.

उन्होंने कहा, 'जब हम जम्मू एवं कश्मीर कहते हैं तो इसमें जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य में पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान शामिल हैं. इसलिए पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान एक अधिकृत क्षेत्र बन जाता है. ऐसा क्षेत्र जो हमारे पश्चिमी पड़ोसी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है.' रावत ने कहा कि पीओके क्षेत्र पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं है और उसे आतंकवादियों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, 'अनुच्छेद-370 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके सब-पैरा-3 में यह बहुत स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह अस्थायी है. जब अनुच्छेद 370 को 'अस्थायी' शब्द के साथ पेश किया गया था, तो पाकिस्तान को कोई आपत्ति नहीं थी. अनुच्छेद-370 अपने आप में दो बार संशोधित किया गया है. यह जम्मू-कश्मीर के नेतृत्व को सदर-ए-रियासत के रूप में, बाद में प्रधानमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में बदलने के बाद संशोधन हुआ है.'

रावत ने कहा, 'इसलिए ऐसा क्यों है कि पाकिस्तान अचानक जाग गया है और अनुच्छेद-370 पर बवाल खड़ा कर दिया है? ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह क्षेत्र, जहां पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया है, पाकिस्तानी प्रतिष्ठान द्वारा नियंत्रित नहीं है. यह आतंकवादियों द्वारा नियंत्रित है. पीओके वास्तव पाकिस्तान का एक आतंकवादी नियंत्रित हिस्सा है.'

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