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पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक, AIIMS पहुंचे कई मंत्री

एम्स ने एक बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि पिछले 24 घंटे से वाजपेयी की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई है. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. 

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नाजुक, AIIMS पहुंचे कई मंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार को और बिगड़ गई. एम्स ने अपने स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. इसी बीच केंद्र सरकार के मंत्रियों का एम्स जाने का सिलसिला जारी है. एम्स के बाहर वाजपेयी के समर्थक भी जुटने लगे हैं. समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एम्स के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. वाजपेयी को गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय वाजपेयी का एक ही गुर्दा काम करता है. 

वाजपेयी की तबीयत का समाचार सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम में करीब सवा सात बजे अस्पताल पहुंचे और वहां करीब 50 मिनट तक रुके. मोदी के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी भी एम्स पहुंचीं. केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, अश्विनी कुमार चौबे, जितेंद्र सिंह, शाहनवाज हुसैन समेत कई नेताओं ने एम्स जाकर उनका हालचाल जाना.

AIIMS

सबसे पहले केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए एम्स गई थीं. केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने भी हॉस्पिटल जाकर पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली.

AIIMS

नौ हफ्ते पहले जब वाजपेयी को एम्स में भर्ती कराया गया था, तो उसके तीन दिन बाद उनकी सेहत में सुधार आना शुूरू हो गया था. उनका ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य हो गया था और किडनी भी सही ढंग से काम करने लगी थी.

लंबे समय से बीमार हैं पूर्व प्रधानमंत्री
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी दी थी. डॉ. गुलेरिया के नेतृत्व में वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की देखरेख कर रही है. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 वर्षों से वाजपेयी के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं. वाजपेयी काफी समय से बीमार चल रहे हैं. 

वह नई दिल्ली में 6-ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते हैं. उन्होंने उठने-बैठने और बोलने में परेशानी होती है. कुछ समय से तो उन्हें लोगों को पहचानने में भी दिक्कत हो रही है. उनके निवास पर ही एम्स के डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख के लिए तैनात थी. बता दें कि जून, 2001 में वाजपेयी के घुटनों का ऑपरेशन हुआ था उसके बाद उनका स्वास्थ लगातार गिरने लगा था.