आम चुनावों से पहले बड़ी रणनीति का हिस्सा है सांप्रदायिक हिंसा : अहमद पटेल
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आम चुनावों से पहले बड़ी रणनीति का हिस्सा है सांप्रदायिक हिंसा : अहमद पटेल

अहमद पटेल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में सांविधानिक और राज्य मशीनरी द्वारा जानबूझकर, बाध्य होकर या दबाव में‘‘ अपना काम’’ करने को लेकर चिंता जाहिर की.

अहमद पटेल (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने सोमवार को केंद्र सरकार से अपील की कि देश में सांप्रदायिक हिंसा की तरफ आंखें नहीं मूंदें. उन्होंने आरोप लगाए कि 2019 के आम चुनावों से पहले माहौल के ध्रुवीकरण की‘‘ बड़ी रणनीति’’ के तहत ये सब हो रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में सांविधानिक और राज्य मशीनरी द्वारा जानबूझकर, बाध्य होकर या दबाव में‘‘ अपना काम’’ करने को लेकर चिंता जाहिर की.

'सांप्रदायिक संघर्ष के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो'
उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘ मैं आपसे विनती करता हूं कि संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दें कि सांप्रदायिक संघर्ष के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए चाहे वे किसी भी दल के क्यों न हों.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ गृह मंत्रालय इस तरह के समुचित उपाय करने पर गौर कर सकता है कि इस तरह की घटनाएं फिर नहीं हों.’’ 

'इन घटनाओं की तरफ से आंखें नहीं मूंदें'
पटेल ने कहा कि यह गंभीर चिंता की बात है कि इनमें से अधिकतर शरारती तत्व रानजीतिक स्वार्थों के लिए ऐसा करते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ हिंसा की ये घटनाएं 2019 के आम चुनावों से पहले ध्रुवीकरण करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं. आपके माध्यम से मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इन घटनाओं की तरफ से आंखें नहीं मूंदें.’’ 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि बिहार में हिंसा भड़काने का आरोपी एक व्यक्ति पुलिस हिरासत से भाग गया जबकि पश्चिम बंगाल में इन घटनाओं का विरोध करने वालों के लिए एक केंद्रीय मंत्री की तरफ से धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया. पटेल ने बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना तथा देश के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का जिक्र किया.

(इनपुट - भाषा)

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