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दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना के फ्लैट की हुई नीलामी, कीमत सुनकर खुले रह जाएंगे कान

तस्करी और विदेशी मुद्रा जोड़-तोड़ अधिनियम (SAFEMA) के तहत इस फ्लैट की नीलामी की गई है. 

दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना के फ्लैट की हुई नीलामी, कीमत सुनकर खुले रह जाएंगे कान
दाऊद इब्राहिम के पाकि‍स्‍तान भागने पर उसकी बहन हसीना पार्कर ही मुंबई में उसका कारोबार संभालती थी. फाइल तस्‍वीर.

मुंबई: 1993 मुंबई बम धमाके के मुख्य आरोपी और अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पार्कर की संपत्ति की नीलामी की गई है. सोमवार को मुंबई में हसीना के फ्लैट की नीलामी हुई. मुंबई के नागपाडा स्थित फ्लैट की मोटी कीमत पर नीलामी हुई. नीलामी में शामिल होने पहुंचे लोगों ने ऊंची बोली लगाई. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक नागपाडा स्थित हसीना का फ्लैट 1.80 करोड़ रुपए में नीलाम हुई. तस्करी और विदेशी मुद्रा जोड़-तोड़ अधिनियम (SAFEMA) के तहत इस फ्लैट की नीलामी की गई है. दाऊद की बहन पर स्मगलिंग का आरोप है. 

संपत्ति खरीदने के इच्छुक लोगों को 28 मार्च तक नामांकन दाखिल करने को कहा गया था, जबकि इसकी नीलामी 1 अप्रैल को होनी थी. नीलामी में भाग लेने के लिए 30 लाख रुपए जमा करने थे और फ्लैट की कीमत 1.69 करोड़ रुपए तय की गई थी.

बताया जा रहा है कि इस नीलामी के लिए आठ लोगों ने बोली लगाई थी. फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. सीलबंद लिफाफे में उनका नाम था. बताते चलें कि दाऊद इब्राहिम के उगाही से खरीदे गए इस फ्लैट पर कब्जा करने की कोशिश सीबीआई ने साल 1997 से शुरू की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्‍टूबर में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम की मां और बहन की अपनी संपत्तियों को जब्त करने के केंद्र के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया था. न्यायमूर्ति आर.के.अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए.एम.सप्रे की पीठ ने दाऊद की मां अमीना बी और बहन हसीना पार्कर (दोनों अब मृत) की याचिका खारिज कर की.

दोनों के स्वामित्व में मुंबई में सात आवासीय संपत्तियां हैं, जिसमें दो अमीना बी के नाम से और पांच हसीना के नाम है. करोड़ों रुपये की संपत्तियां कथित तौर पर दाऊद द्वारा गलत तरीके कमाए गए धन से अर्जित की गई थीं.

उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के सितंबर 2012 के आदेश के बाद शीर्ष अदालत से संपर्क किया था. दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्मगलर्स व फारेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट के तहत उनकी संपत्तियों को जब्त करने का नोटिस दिया था. यह अधिनियम तस्करों व उनके परिजनों द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार देता है.

अमीना बी और पार्कर ने नोटिस को चुनौती थी. उन्होंने कहा कि उन्हें यथोचित रूप से नोटिस नहीं मिला, इसलिए दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा में उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्यवाही को रोका जाना चाहिए. सरकार ने कहा कि प्रमुख संपत्तियां दाऊद की हैं, लेकिन उनकी मां और बहन के कब्जे में थीं. इसलिए सरकार ने दलील दी कि कानून इन्हें जब्त करने की मांग करता है. सक्षम प्राधिकारी ने इस अधिनियम के तहत कई संपत्तियों को जब्त करने के लिए जुलाई 1998 में आदेश पारित किया था.

इनपुट: IANS