भगवान को लगने वाले भोग और बांटने वाले प्रसाद पर अब प्रशासन की नजर, मिलावटखारों पर होगी सख्ती

हरियाणा के धार्मिक संस्थानों में भगवान को लगने वाले भोग और भक्तों में बंटने वाले प्रसाद को शुद्धता की कसौटी पर खरा उतरना होगा. 

भगवान को लगने वाले भोग और बांटने वाले प्रसाद पर अब प्रशासन की नजर, मिलावटखारों पर होगी सख्ती
हिसार में फूड सेफ्टी विभाग के मुख्य ​अधिकारी डॉ अरविंद्र सिंह जानकारी देते हुए.

हिसार: हरियाणा के धार्मिक संस्थानों में भगवान को लगने वाले भोग और भक्तों में बंटने वाले प्रसाद को शुद्धता की कसौटी पर खरा उतरना होगा. इसे लेकर हरियाणा का फूड सेफ्टी विभाग एक्शन में आ गया है, पूरे हरियाणा के तमाम धार्मिंक संस्थानों के जरिए वहां प्रसाद इत्यादि बनाने वाले कुक अथवा रसोईयों को ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही है. इतना ही नहीं, आस-पास की दुकानों को भी इसी ट्रेनिंग का हिस्सा बनना होगा. प्रसाद और भोग को शुद्धता की कसौटी पर खरा उतारने के लिए हरियाणा का फूड सेफ्टी विभाग इन पहलुओं पर नजर रखेगा.

विभाग की तरफ से भोग यानि ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड के तहत एक मुहिम का आगाज किया गया है, इसके तहत हरियाणा के तमाम मंदिरों, गुरुद्वारे, मस्जिद, चर्च या अन्य धार्मिक संस्थानों को रजिस्टर्ड किया जाएगा. फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (एफओएसटीएसी) के तहत जोड़ा जाएगा और बकायदा ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

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हिसार के डिस्ट्रिक्ट फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ अरविंद्रजीत सिंह ने बताया कि लोगों को स्वच्छ और अच्छी क्वालिटी का प्रसाद मिले, इस उद्देश्य को लेकर शुरू की गई इस योजना को हिसार में सिरे चढ़ा दिया गया है. विभाग के अधिकारी का कहना है कि धार्मिक संस्थानों में लगने वाले भंडारे की बात हो या फिर अन्य जितने भी आयोजन होते है उनमें मिलने वाले प्रसाद रूपी लंगर की बात.

पहले उनका प्रयास हैं कि बड़े-बड़े संस्थानों को साथ जोड़ा जाए, क्योंकि वहां बल्क में इसका वितरण होता है. इन संस्थानों के नुमाइंदों को मसलन कुक या रसोईयों को 4 घंटे की ट्रेनिंग होगी. इसमें बकायदा उनके हाइजिन तरीके से खाना बनाने और परोसने के तरीके समझाए जाएंगे. ये ट्रेनिंग कंप्यूटर पर स्लाइडस और विडियो के साथ-साथ प्रेक्टिकल तौर पर होगी. हाइजिन ट्रेनिंग में बताया जाएगा कैसे एप्रेरन पहनना हे, कैसे सिर को कवर करके रखना है या शुद्धता के लिए जितने भी पहलु होते है, उनका कैसे ध्यान रखना है इन बातों को बताया जाएगा.

आमजन ने की सराहना, बोले-अच्छा प्रयास है.
उधर, दूसरी तरफ प्रदेश में शुरु हो रही इस मुहिम की आमजन ने भी सराहना की है. हिसार के रहने वाले अखिल कुमार गर्ग का कहना था कि धार्मिक संस्थानों में वैसे तो तमाम बातों का ख्याल रखा जाता है. लेकिन क्योंकि मामला आस्था से जुड़ा होता है ऐसे में हर कोई श्रद्धा के साथ ही प्रसाद का सेवन करता है. लेकिन इंसान है, कई बार गल्ती हो जाता है. प्रसाद में बाल इत्यादि मिलना या फिर कई बार खाने के पदार्थ में लकड़ी का टुकड़ा मिलना अथवा कई बार कुछ मिट्टी इत्यादि निकल जाती है ऐसे में इन बातों पर गौर करने की जरूरत है. हिसार के रहने वाले राजेंद्र कुमार ने बताया कि भगवान का प्रसाद तो अपने आप में अमूल्य है, लेकिन खाने—पीने के सामान को लेकर जो सरकार की तरफ से ट्रेनिंग देकर भोग की मुहिम चलाई जा रही है, इस मुहिम के साकारात्मक ही पहलू सामने आएंगे.

प्रसाद बेचने वाली दुकानों पर भी नजर रहेंगी
हिसार के फूड सेफ्टी विभाग के मुख्य अधिकारी डॉ अरविंद्रजीत सिंह का कहना है कि इस मुहिम के तहत आस—पास की दुकानों जहां पर प्रसाद की बिक्री होती है उन पर भी नजर रखी जाएगी. बकायदा समय—समय पर पहले भी सैंपलिंग होते रहे है, आगे भी करेंगे. उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य आमजन के साथ—साथ ​धार्मिक संस्थानों के पदाधिकारियों को जागरूक करना भी है.

कुल मिलाकर फूड सेफ्टी विभाग ने हरियाणा में इस मुहिम का आगाज कर दिया है. आने वाले समय में इसके परिणाम क्या रहेंगे, यह तो वक्त ही बताएगा. लेकिन इतना जरूर तय है कि ​यदि भोग यानि ब्लिसफुल हाइजीनिक ऑफरिंग टू गॉड को सख्ती से सिरे चढ़ाया गया, तो इसके साकारात्मक परिणाम जरूर सामने आएंगे.