दिल्ली: लड़की पहले मांगती थी लिफ्ट, फिर भाई के साथ मिलकर देती थी गुनाह को अंजाम

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान चालीस से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया और 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई.

दिल्ली: लड़की पहले मांगती थी लिफ्ट, फिर भाई के साथ मिलकर देती थी गुनाह को अंजाम
पुलिस ने एक पुख्ता सूचना पर आरोपी भाई-बहन को बख्तावरपुर से गिरफ्तार कर लिया.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने हत्या के मामले में भाई-बहन को गिरफ्तार किया है. केशवपुरम इलाके में डीटीसी चालक को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी. वहीं, भलस्वा डेयरी के ऑटो चालक की अलीपुर में ले जाकर हत्या कर दी गई थी. दोनों वारदातों में लड़की ने लिफ्ट मांगी और भाई के साथ चालकों का गला घोटकर मार डाला था. वारदात के बाद आरोपी फोन, सोने के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए थे. 

बाहरी उत्तरी जिला के स्पेशल स्टॉफ ने वारदात को अंजाम देने वाले सगे बहन भाई को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान शिव कुमार और नीलम के रूप में हुई है. आरोपियों के कब्जे से कार की चाबी और डीटीसी चालक का मोबाइल फोन मिला है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोपी नहीं पकड़े जाते तो ये दस दिनों में दिल्ली में तीन से चार वारदातों को अंजाम दे देते. दोनों वारदातों में पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने चालकों की हत्या की थी.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 12 फरवरी की सुबह रामजनपुरा गांव अलीपुर में संजय नामक ऑटो चालक का शव पड़ा मिला था. संजय भलस्वा डेयरी में परिवार के साथ रहता था. जबकि 14 फरवरी की रात से लापता प्रीतम सिंह चौहान का शव अगले दिन शाम के वक्त सोनीपत टीडीआई मॉल के पास गड्डे में पड़ा मिला था. जिसकी कार उसी दिन सुबह बख्तावरपुर तालाब के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी. प्रीतम की सोने की अंगूठी और फोन गायब था. दोनों थाना पुलिस मामले की जांच कर रही थीं. 

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान चालीस से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया और 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई. इस बीच पुलिस ने एक पुख्ता सूचना पर आरोपी भाई-बहन को बख्तावरपुर से गिरफ्तार कर लिया. दोनों के पास से प्रीतम सिंह की कार की चाबी और फोन जब्त कर लिया. आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि नीलम ने कुछ समय पहले ही अपने पति से तलाक लिया था. 

हनीट्रैप की तरह करते थे वारदातें
दोनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसके बाद दोनों ने हनीट्रैप की तरह वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया. प्रीतम सिंह हत्या मामले में नीलम ने मधुबन चौक से प्रीतम से कार में लिफ्ट ली. जिसके बाद उसने अपने भाई को भी बैठा लिया था. अलीपुर से पहले नीलम कार में अचानक ड्राइविंग सीट के बराबर वाली सीट पर आकर बैठ गई थी. अलीपुर गांव में जब प्रीतम से लूट की कोशिश की. पीछे से उसके भाई ने तार से उनका गला घोट दिया. 

एक दिन पहले ही उन्होंने अलीपुर में संजय ऑटो चालक की हत्या कर शव फैंका था. वह इस बार शव को बाहर कहीं पर फैंकना चाहते थे. शिव कुमार ने कार को चलाकर टीडीआई मॉल ले गया. जहां पर उनके शव को फैंक दिया. इस बीच उनकी कार का टायर पंचर हो गया. वहीं पर उन्होंने टायर भी बदला था. प्रीतम के पास से नकदी ज्यादा नहीं मिली थी. उनको वापिस घर भी आना था. उन्होंने शव को ठिकाने लगाकर कार से बख्तावरपुर आए और कार को खड़ी कर घर चले गए. अगले ही दिन उनको वारदात के बारे में इलाके वालों से पता लग गया था.