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26 जनवरी परेड पर नजर रखेंगी 30 खास 'आंखें', हजारों की भीड़ में पहचान लेंगे आतंकी

इन 30 कैमरों को गणतंत्र दिवस परेड को देखने आने वाले 30 गेट पर लगाया गया है. इनकी जद में परेड देखने आने वाला हर शख्स होगा, जो भी वहां से निकलेगा अगर उसका चेहरा डेटा में डाली गई फ़ोटो से 70 प्रतिशत से ज्यादा मिल जाएगा पास में बने कंट्रोल रूम में अलार्म बज जाएगा और सुरक्षा कर्मी फ़ौरन उस शख्स को पकड़ लेंगे.

26 जनवरी परेड पर नजर रखेंगी 30 खास 'आंखें', हजारों की भीड़ में पहचान लेंगे आतंकी

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मद्देनजर इस बार आतंक से निपटने के लिए पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है. अपनी फोर्स में 30 ऐसी आखों को जोड़ा है जो हज़ारो की भीड़ में छुपे आतंकी और बदमाशों को पलक झपकते ही पकड़ने की ताकत रखती है. ये 30 आंखें कोई और नहीं, बल्कि एक खास तरह के कैमरे हैं, जिनके अंदर इस सॉफ्टवेयर की मदद से आतंकियों और बदमाशों की तस्वीरों का डेटा फीड किया गया है. 

इन 30 कैमरों को गणतंत्र दिवस परेड को देखने आने वाले 30 गेट पर लगाया गया है. इनकी जद में परेड देखने आने वाला हर शख्स होगा, जो भी वहां से निकलेगा अगर उसका चेहरा डेटा में डाली गई फ़ोटो से 70 प्रतिशत से ज्यादा मिल जाएगा पास में बने कंट्रोल रूम में अलार्म बज जाएगा और सुरक्षा कर्मी फ़ौरन उस शख्स को पकड़ लेंगे. कंट्रोलरूम को मॉनिटर कोई आम पुलिस वाला नहीं बल्कि स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और इंटेलिजेंस ब्यूरो के लोग करेंगे, इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल दिल्ली पुलिस पहली बार कर रही है. 

नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी मधुर वर्मा ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि दिल्ली पुलिस पहली बार फेसिअल रेकॉग्निशन कैमरों के इस्तेमाल कर रही है कुल 30 कैमरे लगाए जाएंगे. इनके अंदर एक सॉफ्टवेयर फीड किया जाएगा जिसके अंदर आतंकियों, हार्डकोर क्रिमिनल की फोटो होगी जो हर आने वाले शख्स के चेहरे से मिलान करेगी, अगर कोई ऐसा शख्स कैमरे की जद में आता है, जिसकी शक्ल 70 प्रतिशत से ज्यादा फीड की गई फोटो से मिलती जुलती होगी तो कंट्रोल रूम में एक अलार्म बज जाएगा, जिसके बाद पुलिस उस शख्स को पकड़ लेगी.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर का ट्रायल पिछले साल 15 अगस्त को किया गया था. साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट पर भी इसका परीक्षण किया जा चुका है और अब पहली बार इसका इस्तेमाल गणतंत्र दिवस की परेड में हो रहा है. बहरहाल, परेड के रूट की सुरक्षा इस बार भी बेहद सख्त है. इसके अलावा सुरक्षा को 5 लेयर में बांटा गया है, और इन लेयर्स में खुफ़िया विभाग से लेकर, NSG, SPG, पैरामिलिट्री फोर्सेज और दिल्ली पुलिस के जवान भी सुरक्षा में तैनात रहेंगे. परेड के रूट पर करीब 250 सीसीटीवी कैमरों को भी लगाया गया है. जिनकी मदद से चप्पे चप्पे पर पुलिस की नज़र रहेगी.