मोती नगर व्यवसायी हत्याकांड: जांच में खुलासा, दो नाबालिग आरोपियों में एक निकला बालिग

पुलिस ने इस हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और उसके 20 वर्षीय बेटे के साथ मुख्य आरोपी की पत्नी और दूसरी उसकी बेटी को भी गिरफ्तार कर लिया है. 

मोती नगर व्यवसायी हत्याकांड: जांच में खुलासा, दो नाबालिग आरोपियों में एक निकला बालिग
मारे गये व्यवसायी के परिवार के सदस्यों ने बुधवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की.

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के मोतीनगर इलाके में बेटी पर भद्दी टिप्पणियां किये जाने का विरोध करने पर कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी की पत्नी और बेटी को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा कि 52 वर्षीय कारोबारी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी जब वह रविवार को बेटी के साथ घर लौट रहा था. पीड़ित के 19 वर्षीय बेटे को भी बदमाशों ने चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. वह अभी आईसीयू में भर्ती है लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है. डॉक्टरों ने कहा कि उसे अगले 24 घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा. 

पुलिस ने इस हत्या के मामले में 45 वर्षीय मुख्य आरोपी और उसके 20 वर्षीय बेटे को गिरफ्तार किया था. उसके दो अन्य नाबालिग बेटों को भी पकड़ा गया है. वहीं, इस मामले में अब एक और खुलासा हुआ है. खबर है कि मुख्य आरोपी के दो नाबालिग बेटे पकड़े गए थे, उनमें एक बालिग निकला है. बताया जा रहा है कि वह 2 महीने पहले ही बालिग हुआ था. पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) मोनिका भारद्वाज ने कहा कि परिवार के दो सदस्यों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है. उनमें से एक मुख्य आरोपी की पत्नी (45) और दूसरी उसकी बेटी (30) है. 

 

 

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिलाओं को भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के तहत अपराध करने की साझा मंशा में गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों महिलाओं ने हमले में आरोपियों की मदद की और उनमें से एक ने अपराध में इस्तेमाल चाकू उपलब्ध कराया. अधिकारी ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या महिलाओं ने आरोपियों की अपराध स्थल से भागने में मदद की. 

वहीं, मारे गये व्यवसायी के परिवार के सदस्यों ने बुधवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. पीड़ित की बेटी, पत्नी और पिता के साथ केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल और आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा के साथ-साथ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी भी थे. वहीं, गृह मंत्री को सौंपे गये एक पत्र में त्यागी ने उनसे यह अनुरोध किया कि 52 वर्षीय व्यवसायी के आश्रितों को एक नौकरी, 50 लाख रुपये का मुआवजा और सुरक्षा दी जानी चाहिए.

(इनपुट भाषा से)