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नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में बेचता था लोपसंग लामा, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में धर-दबोचा

पुलिस को लोपसंग की तलाश 25 जुलाई 2018 से उस वक़्त से थी जब दिल्ली के मुनिरका इलाके से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने छापा मार कर एक कमरे में बंद 16 लड़कियों को छुड़ाया था.

नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में बेचता था लोपसंग लामा, पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में धर-दबोचा
लोपसंग लामा नौकरी दिलाने के नाम पर लड़कियों को बेचता था.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नेपाली लड़कियों को नौकरी लगाने के नाम पर खाड़ी देशों में बेचने वाले एक लाख के आरोपी लोपसंग लामा को गिरफ्तार किया है. पुलिस को लोपसंग की तलाश 25 जुलाई 2018 से उस वक़्त से थी जब दिल्ली के मुनिरका इलाके से दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने छापा मार कर एक कमरे में बंद 16 लड़कियों को छुड़ाया था. उसी मामले में वसंत विहार थाने में केस दर्ज कर पुलिस को लोपसंग लामा की तलाश थी, लेकिन वह उसके बाद से ही नेपाल भाग गया था. 

अक्टूबर में वापस दिल्ली आया और फिर लड़कियों को नेपाल से दिल्ली लाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिये खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी बीच पुलिस को उसके आईएसबीटी के पास आने की सूचना मिली पुलिस ने जाल बिछाया. हालांकि लोपसंग लामा पुलिस को देखकर भागने लगा और बचने के लिए यमुना नदी में कूद गया, ये सोच कर की पुलिस वालों को उसके जैसा तैरना नहीं आता होगा. उसके पीछे कांस्टेबल मनोज त्यागी भी नदी में कूद गया और तैरकर आरोपी लोपसंग लामा को पकड़ लिया. 

पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले काफी समय से नेपाल से लड़कियों को खाड़ी देशों में बेच देता था. उसके इस काम मे उसके साथ कई ओर लोग भी शामिल हैं. अब तक करीब 30 लड़कियो को खाड़ी देशों में भेज चुका है. कुछ लड़कियां जब वापस भारत आई तो वह गर्भवती थीं. उसके बाद से ही स्पेशल सेल इसके पीछे लगी हुई थी. पुलिस की तरफ से लोपसंग लामा के ऊपर एक लाख का ईनाम भी रखा हुआ था. 

स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने ZEE न्यूज को बताया कि 'लोपसंग लामा की तलाश मुनिरका के इन घर से दिल्ली महिला आयोग की टीम द्वारा छुड़ाई गई 16 लड़कियों के मामले के बाद से ही थी. आरोपी पिछले काफी समय से मानव तस्करी में लगा हुआ था. पुलिस ने इसके ऊपर एक लाख का ईनाम रखा हुआ था. आरोपी अच्छा तैराक है इसलिए पुलिस पार्टी को देखते ही यमुना नदी में कूद गया था, लेकिन कांस्टेबल मनोज त्यागी के इसको नहीं छोड़ा और खुद भी नदी में कूदने के बाद तैर कर इसे पकड़ लिया.'

आरोपी लोपसंग लामा के पिता असम राइफल्स स रिटायर्ड हुए है. पुलिस अब इससे ये भी पता कर रही है कि ये खाड़ी देशों के अलावा और कितने देशों में बेचता था. पुलिस को लोपसंग लामा ने बताया कि एक लड़की को खड़ी देश मे बेचने के एवज़ में उसे 30 से 50 हज़ार मिलते थे.