देश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देगी सरकार: गृह राज्यमंत्री राय

नित्‍यानंद राय ने चंडीगढ़ में अत्‍याधुनिक DNA विश्‍लेषण केन्‍द्र का उद्घाटन किया.

देश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देगी सरकार: गृह राज्यमंत्री राय
नित्यानंद राय ने कहा यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक डीएनए प्रोफाइलिंग साधनों और उपकरणों से सुसज्जित है.

चंडीगढ़: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityananda Rai) ने सीएफएसएल, चंडीगढ़ में एक अत्याधुनिक डीएनए विश्लेषण केंद्र का उद्घाटन किया. इस नई उन्नत फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण प्रयोगशाला की स्थापना निर्भया फंड योजना के अंतर्गत की गई है, जिसके लिए 99.76 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह केंद्र, यौन उत्पीड़न और मानव हत्‍या इकाई, पितृत्व इकाई, मानव पहचान इकाई और मिटोकोंड्रियल डीएनए इकाई के लिए आधुनिक सुविधा प्रदान करेगा. नित्यानंद राय ने कहा यह केंद्र पूरी तरह से आधुनिक डीएनए प्रोफाइलिंग साधनों और उपकरणों से सुसज्जित है. इस अत्‍याधुनिक फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण सुविधा में प्रति वर्ष 2000 मामलों की जांच करने की क्षमता है.

नित्यानंद राय ने कहा कि आपराधिक जांच का कार्य समय पर और दक्षता के साथ पूरा करने और बेहतर दोषसिद्धि के लिए डीएनए विश्लेषण महत्वपूर्ण हो गया है. फोरेंसिक डीएनए प्रोफाइलिंग एक बहुत ही संवेदनशील और प्रतिलिपि प्रस्‍तुत करने योग्य तकनीक है जो आधुनिक आपराधिक जांच जैसे बड़ी आपदाओं के समय लोगों की पहचान, पितृत्व और मातृत्व विवाद, दुष्‍कर्म और हत्या के मामलों में पीड़िता और संदिग्‍ध व्‍यक्ति की पहचान, अस्‍पतालों में बच्चे की अदला-बदली, मृतक की पहचान, अंग प्रत्यारोपण और परदेस में जाकर बसने आदि में सबसे मूल्यवान साधन बन गई है .

चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने कहा कि सरकार ने देश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और कानून में कठोर दंड की व्‍यवस्‍था करने के अलावा, इस संबंध में अनेक उपाय शुरू किए गए हैं. इनमें 28 राज्यों में 112 सार्वभौमिक आपातकालीन सेवाएं शुरू करना, 8 बड़े शहरों में ‘सुरक्षित शहर (सेफ सिटी)’ परियोजनाओं की शुरूआत और राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं को मजबूत बनाना शामिल है. यह मंत्रालय सभी जिलों के पुलिस थानों में महिला हेल्‍पडेस्क और मानव तस्करी विरोधी इकाइयों की स्थापना करेगा. नित्यानंद राय ने यह भी कहा कि ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) द्वारा फोरेंसिक साक्ष्य संग्रह में एक विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 6000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है.

सेंट्रल फोरेंसिक साइंयटिफिक इंस्टिट्यूट के निदेशक डा. एस के जैन ने बताया चंडीगढ़ फोरेंसिक लैब में डीएनए से संबंधित साल में कुल 160 जांच होती थी. अब एडवांस फॉरैंसिक डीएनए लैब में दो हजार जांच होगी. फिलहाल देश में चंडीगढ़, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे और भोपाल में कुल छह केंद्रीय फोरेंसिक लैब हैं. इसके अलावा प्रत्येक राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश में एक-एक लैब है, जहा हर तरह के केस जांच के लिए आते हैं.