गलती से भारत चला आया था 17 साल का बिलाल, अब PAK जाने के लिए HC का खटखटाया दरवाजा

पाकिस्तान के क़सूर ज़िले के वज़ीरपुर का रहने वाला 17 साल का मुबश्शिर बिलाल उर्फ मुबारक अपने वतन पाकिस्तान वापिस जाना चाहता है. 

गलती से भारत चला आया था 17 साल का बिलाल, अब PAK जाने के लिए HC का खटखटाया दरवाजा

चंडीगढ़: पाकिस्तान के क़सूर ज़िले के वज़ीरपुर का रहने वाला 17 साल का मुबश्शिर बिलाल उर्फ मुबारक अपने वतन पाकिस्तान वापिस जाना चाहता है. फिलहाल बिलाल होशियारपुर के जुवेनाइल होम में है. दरअसल तरनतारन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने माना बिलाल फरवरी 2018 में कोहरे के कारण गलती से भारत की तरफ आ गया और उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को पुलिस दृारा साबित न करने पर बोर्ड ने उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया था. बिलाल को जुवेनाइल कोर्ट से राहत मिले 1 साल से ज़्यादा हो गया लेकिन अभी भी बिलाल होशियारपुर के जुवेनाइल होम में है और उसने घर वापिसी के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की है.

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आज केंद्र सरकार के वकील सत्यपाल जैन ने कोर्ट को बताया कि जब भारत और पाकिस्तान से जुड़े ऐसे मामले आते है तो एक प्रक्रिया होती है बिलाल के मामले में वो प्रक्रिया जारी है जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 जनवरी के लिए स्थगित करते हुए केंद्र सरकार को स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

भारत सरकार के वकील सत्यपाल जैन ने बताया कि 17 साल के मुबश्शिर बिलाल उर्फ़ मुबारक ने एक वकील के ज़रिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और मांग की है कि उन्हें उनके मुल्क भेजा जाये. सीनियर वकील सत्यपाल जैन ने बताया कि कोर्ट को जानकारी दी गई कि जब भी ऐसे मामले भारत और पाकिस्तान के आते है तो देश-प्रत्यावर्तन की एक प्रक्रिया होती है जोकि जारी है.

क्योंकि इसमें एम्बेसी ,गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय सब शामिल होते है. मुबारक की फ़ाइल गृह मंत्रालय के पास पहुँच चुकी है और प्रोसेस जारी है. यह विदेशी नागरिक का मामला है जरूरी भी है कि पूरी प्रक्रिया के ज़रिए ही बिलाल को वापिस भेजा जाए क्योंकि यदि कल को पाकिस्तान कहे वो हमारा नागरिक ही नहीं है तो ऐसे में और कई सवाल खड़े हो जाते हैं. उन्होनें बताया कोर्ट ने निर्देश दिए है कि प्रक्रिया से जुडी लेटेस्ट स्टेटस रिपोर्ट 15 जनवरी को हाई कोर्ट में दाखिल करनी है. 

गौरतलब है बिलाल उर्फ मुबारक फरवरी 2018 में गलती से अंतराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर तरनतारन के खेमकरण गांव में पहुँच गया था जहाँ बीएसफ ने उसे गिरफ्तार किया. हालाँकि 6 महीने बाद तरनतारन पुलिस ने जुविनाइल जस्टिस बोर्ड में आरोपपत्र पेश किया और सितम्बर 2018 में बोर्ड ने बिलाल को सभी आरोपों से रिहा कर दिया लेकिन उसके बाद भी वो अपने घर नहीं जा पाया.

बोर्ड ने न सिर्फ बिलाल को सभी आरोपों से बरी किया था बल्कि खेमकरण सरहद पर न कोई गेट, न दीवार, न तार होने के साथ साथ कोहरा होने के कारण बिलाल दृारा गलती से बार्डर पार करने की बात भी कही थी. हालांकि बोर्ड दृारा फैसला सुनाए एक साल से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन बिलाल अभी जुवेनाइल होम में ही बंद है. और उसको रिलिज़ करवाने के लिए कई संस्थाएं अभियान भी चला चुकी है. सोशल मिडिया पर #releasemubarak का हैशटैग काफी सक्रीय भी रहा.