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हनीप्रीत की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने फाइल देखते ही सुनवाई से किया इनकार

38 दिन फरार रहने वाली हनीप्रीत को 3 अक्टूबर 2017 को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. तब से हनीप्रीत जेल में बंद है. 

हनीप्रीत की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने फाइल देखते ही सुनवाई से किया इनकार
इससे पहले हाईकोर्ट के जस्टिस रामेंद्र जैन ने हनीप्रीत को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता पर संगीन आरोप हैं.

चंड़ीगढ़: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की दत्तक पुत्री हनीप्रीत को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. हनीप्रीत ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. मामले में जब सोमवार को सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस सुरेंद्र गुप्ता ने फाइल देखते ही मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया. उन्होंने मामले को अन्य बेंच को देने के लिए चीफ जस्टिस को रेफर कर दिया.

बता दें, इससे पहले हाईकोर्ट के जस्टिस रामेंद्र जैन ने हनीप्रीत को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता पर संगीन आरोप हैं, ऐसे आरोपी को कैसे जमानत दी जा सकती है. हनीप्रीत के वकील का कहना था कि उन्हें पक्ष रखे जाने का मौका दिया जाना चाहिए. इसके बाद सोमवार (26 अगस्त) को सुनवाई होनी थी, लेकिन जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया.

 

हनीप्रीत ने हाईकोर्ट में नियमित जमानत की मांग को लेकर दायर याचिका में कहा है कि 25 अगस्त 2017 को जब पंचकूला सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था तो उसके बाद पंचकूला में हुए दंगों की साजिश रचे जाने का उस पर आरोप लगाया गया था, जबकि जिस समय दंगे हुए थे वह उस समय डेरा प्रमुख के साथ थी. डेरा प्रमुख के साथ वह पंचकूला से सीधे रोहतक की सुनारिया जेल चली गई थी. उसे इन दंगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. बावजूद इसके उसे इन दंगों की साजिश का आरोपी बना दिया गया.

ज्ञात रहे हनीप्रीत को पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस को काफी वक्त इंतजार करना पड़ा था. 38 दिन फरार रहने वाली हनीप्रीत को 3 अक्टूबर 2017 को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. तब से हनीप्रीत जेल में बंद है.