सपना चौधरी के लिए आई 'गुड न्यूज', बिंदास होकर गा पाएंगी रागिनी

सपना चौधरी के लिए आई 'गुड न्यूज', बिंदास होकर गा पाएंगी रागिनी

गायिका और डांसर सपना चौधरी की तरफ से याचिका में कहा गया कि उसके खिलाफ सेक्टर 29 थाना क्षेत्र के चकरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में रागिनी पेश करते हुए एक जाति विशेष पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था. 

चंडीगढ़: गुरुग्राम में एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर के मामले में गायिका और डांसर सपना चौधरी को राहत मिल गई है. मंगलवार को गुरुग्राम पुलिस की तरफ से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कहा गया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर कैंसिलेशन की रिपोर्ट दे दी है. इस पर जस्टिस अनिल खेत्रपाल ने याचिका को अनावश्यक करार देते हुए मामले का निपटारा कर दिया.

सपना की तरफ से याचिका में कहा गया कि उसके खिलाफ सेक्टर 29 थाना क्षेत्र के चकरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में रागिनी पेश करते हुए एक जाति विशेष पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था. खांडसा निवासी सतपाल तंवर ने पुलिस में शिकायत देते हुए कहा था कि उनके द्वारा गाई गई रागिनी से एससी एसटी वर्ग के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है. शिकायत पर पुलिस ने 14 जुलाई 2016 को केस दर्ज कर लिया था.

सपना ने याचिका में कहा कि यह रागिनी विभिन्न लोक गायक पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही है. इस मामले में उन्हें टारगेट किया जा रहा है और उनका किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था.

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