दिल्ली: उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन आज, UP भवन का करेंगे घेराव

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की संयोजक जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के मुताबिक सीएए का विरोध करने पर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला रही है जो गैर कानूनी है. 

दिल्ली: उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन आज, UP भवन का करेंगे घेराव
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने के लिए धरने पर बैठे छात्र शुक्रवार को दिल्ली में उत्तर प्रदेश भवन का घेराव करेंगे. जामिया के छात्र (students) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपना विरोध जताने के लिए यह घेराव करने जा रहे हैं. 

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की संयोजक जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के मुताबिक सीएए का विरोध करने पर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला रही है जो गैर कानूनी है. यूपी सरकार के इसी कदम पर आपत्ति दर्ज कराने छात्र दिल्ली स्थित यूपी भवन के घेराव की तैयारी कर रहे हैं. जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की है.

कमेटी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली से 20 लोगों की मौत हो चुकी है. कमेटी के सदस्यों ने कहा कि प्रशासन ने मुजफ्फरनगर में 67 दुकानों को सीज कर दिया है. इसके अलावा दावा किया जा रहा है कि प्रदेश भर में सीएए का विरोध कर रहे हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी की शाजिया के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस की इन्ही कार्रवाइयों के खिलाफ यूपी भवन के घेराव की योजना बनाई गई है.

छात्रों के इस प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने यूपी भवन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है. छात्रों के अलावा कॉर्डिनेशन कमेटी ने इस घेराव में सीएए का विरोध करने वाले सभी शांतिप्रिय लोंगो से शामिल होने की अपील की है.

गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून पारित किए जाने के बाद से जामिया के छात्र इस कानून का विरोध कर रहे हैं. 15 दिसंबर की रात जामिया के स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए. वहीं पुलिस पर जामिया में घुस कर छात्रों की पिटाई व लाइब्रेरी में तोड़फोड़ करने का आरोप है. इस घटना के बाद से जामिया के छात्र विश्वविद्यालय के बाहर सीएए के विरोध में धरने पर बैठे हैं.