सुखबीर सिंह बादल की PM मोदी से अपील - करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट की शर्त हटवाएं

पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में बादल ने कहा कि लाखों सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाना चाहते हैं, पर उनके लिए दस्तावेजों की जांच की पेंचीदा प्रक्रिया है.

सुखबीर सिंह बादल की PM मोदी से अपील - करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट की शर्त हटवाएं

चंडीगढ़: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह करतारपुर कॉरिडोर के लिए पासपोर्ट की शर्त हटवाएं. इसके अलावा, जांच-पड़ताल तथा दस्तावेजों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं. पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में बादल ने कहा कि लाखों सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाना चाहते हैं, पर उनके लिए दस्तावेजों की जांच की पेंचीदा प्रक्रिया है. पासपोर्ट की आवश्यक शर्त इस पवित्र तीर्थ स्थान की यात्रा के रास्ते मे बहुत बड़ी रूकावट साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालु करतारपुर साहिब जाने की बजाय सिर्फ सैंकड़ों की गिनती में ही श्रद्धालु इस तीर्थ स्थान की यात्रा के लिए जा रहे हैं, क्योंकि ज्यादातर श्रद्धालुओं के पास पासपोर्ट नही हैं. श्रद्धालु इस शर्त को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तथा भारत सरकार में एमओयू के अनुसार, श्रद्धालुओं से इस यात्रा के लिए पासपोर्ट होना आवश्यक है, जबकि पासपोर्ट पर कोई मुहर नहीं लगाई जा रही है तथा सभी श्रद्धालुओं को प्रवेश/वापसी के लिए रसीद जारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पासपोर्ट की आवश्यकता इसीलिए नही है क्योंकि श्रद्धालुओं को सिर्फ गुरुद्वारा साहिब तक जाने की आज्ञा दी जा रही है. बादल ने कहा कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान द्वारा भी अनावश्यक भ्रमित किया जा रहा है. पाकिस्तान द्वारा सिर्फ पासपोर्ट वाले श्रद्धालुओं को ही यह यात्रा करने की इजाजत दी जा रही है.

अकाली दल अध्यक्ष ने कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों के लोग विशेष रूप से बुजुर्ग यह महसुस करते हैं कि पासपोर्ट बनाना एक अनावश्यक खर्चा है, क्योंकि उनके द्वारा विदेश यात्रा के लिए इसका इस्तेमाल करने की कोई संभावना नही है. इसके अलावा, पासपोर्ट बनाने में बहुत सारा समय तथा पैसा बर्बाद होता है, क्योंकि एक व्यक्ति के पासपोर्ट पर करीब दो हजार रूपए का खर्च आता है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मैं आपसे यह आग्रह करता हूं कि इस मुद्दे को पाकिस्तान सरकार के पास उठाएं ताकि दोनों देशों में हुए समझौते में सुधार किया जा सके तथा श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की शर्त को पूरी तरह हटा दिया जाए." 

बादल ने यह भी अनुरोध किया कि श्रद्धालुओं को पहचान पत्र के तौर पर पासपोर्ट की बजाय आधार कार्ड जैसे सबूत ले जाने की आज्ञा दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा, "इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा सकता है. इसके लिए एक मोबाईल एप तैयार किया जा सकता है तथा स्पेशल काउंटर बनाए जा सकते हैं." बादल ने कहा कि पुलिस जांच-पड़ताल भी 10 दिन से ज्यादा दिन ले रही है. जमा करवाए जाने से पहले श्रद्धालुओं के दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की अथॉरिटी गांव की पंचायत/ वार्ड काउंसलर को देकर इस प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा सकता है.

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अकाली दल अध्यक्ष ने कहा, "लोगों में इस तीर्थ स्थान की यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है तथा करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने की आशा से पिछले कुछ दिनों में हजारों लोग डेरा बाबा नानक जा चुके हैं."