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9 दिन के नवरात्र व्रत में रखें 9 बातों का ध्यान

शारदीय नवरात्र, 13 अक्टूबर से शुरु हो रहे हैं। क्या आप भी पूरे 9 दिन का व्रत रखना चाह रहे हैं? तो इसके लिये सबसे पहले यह सोचें कि आपको व्रत किस तरह रखना है? फलाहार करना है या फिर तरल पदार्थ जैसे दूध और जूस पीकर व्रत रखना है। वैसे भी इस मौसम में, शरीर का डिटॉक्सीफाई होना बहुत ज़रुरी है। यानि आपके शरीर के सारे विषैले पदार्थ बाहर निकल जायें। न्यूट्रीशियन और डायट एक्सपर्ट दीपा शर्मा के मुताबिक' वर्षा और शीत ऋतुओं के संधिकाल होने की वजह से, इस समय पित्त बढ़ता है। पाचन तंत्र कमज़ोर होता है। व्रत से न सिर्फ, पित्त का प्रकोप कम होता है, बल्कि पाचन तंत्र भी सुरक्षित रहता है। अगर आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं, तो इसके लिये आपको इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिये। 

9 दिन के नवरात्र व्रत में रखें 9 बातों का ध्यान
फाइल फोटो

दिल्ली: शारदीय नवरात्र, 13 अक्टूबर से शुरु हो रहे हैं। क्या आप भी पूरे 9 दिन का व्रत रखना चाह रहे हैं? तो इसके लिये सबसे पहले यह सोचें कि आपको व्रत किस तरह रखना है? फलाहार करना है या फिर तरल पदार्थ जैसे दूध और जूस पीकर व्रत रखना है। वैसे भी इस मौसम में, शरीर का डिटॉक्सीफाई होना बहुत ज़रुरी है। यानि आपके शरीर के सारे विषैले पदार्थ बाहर निकल जायें। न्यूट्रीशियन और डायट एक्सपर्ट दीपा शर्मा के मुताबिक' वर्षा और शीत ऋतुओं के संधिकाल होने की वजह से, इस समय पित्त बढ़ता है। पाचन तंत्र कमज़ोर होता है। व्रत से न सिर्फ, पित्त का प्रकोप कम होता है, बल्कि पाचन तंत्र भी सुरक्षित रहता है। अगर आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं, तो इसके लिये आपको इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चाहिये। 
नवरात्र व्रत का कैसा हो आहार?
-ऐसी चीज़ें खायें, जिसमें हाई फाइबर और लो फैट हो।
-मॉर्डरेट प्रोटीन, हाई कार्बोहाइड्रेट से युक्त होना चाहिये।
-त्वचा की खुश्की दूर करने के लिये लिक्विड डायट बढ़ायें।
-सामान्य दूध की जगह स्किम्ड दूध पीना चाहिये।
9 दिन के व्रत मे कितनी कैलोरी ज़रूरी?
नवरात्र के 9 दिन के व्रत में 1800-2200 कैलोरी ज़रूरी है।
क्या न करें नवरात्र व्रत में?
-सिर्फ नीबू-पानी पीकर व्रत न रखें।
-बिना कुछ खाये, सिर्फ दूध पीकर व्रत न रखें।
-ऐसा करने से पेट कमज़ोर होगा।
-थकान, ब्लड प्रेशर लो और चिड़चिड़ापन हो सकता है।
-गैस्ट्राइटिस, एसिडिटी और सीने में जलन की शिकायत।
-व्रत में खट्टे फल जैसे संतरा, नीबू, मौसम्मी न खायें।
व्रत में दोपहर और रात का फलाहार 
-व्रत के लंच और डिनर में संतुलित आहार लेना चाहिये।
-कुटू या सिंघारे के आटे की चपाती खाना चाहिये।
-साबूदाने की खीर या खिचड़ी तथा घिया खा सकते हैं।
-सीताफल, आलू की रसेदार सब्जी खाना अच्छा रहेगा।
-दिन में 3 बार फल या फ्रूट सलाद खाना चाहिये।
-4-6 बार सूखे मेवों के साथ जूस, दूध, शेक पीना अच्छा रहेगा।
-नारियल पानी को अपने डायट में अवश्य शामिल करें।
-नवरात्र व्रत में कम से कम 8 लीटर पानी पियें।
-एक ही तरह के फल के बजाय मिक्स फ्रूट लेना अच्छा रहेगा।
-ताज़े फल खायें और कड़वे स्वाद वाले फल न खायें।
शरद ऋतु में सेहत
सेहत के लिहाज से, शारदीय नवरात्र व्रत, बहुत ख़ास हैं। इस समय एसीडिटी के साथ साथ, भूख भी कम लगती है। पाचन तन्त्र के साथ साथ, हृदय और स्नायु तंत्र में भी, कई तरह की समस्या हो सकती है। इसलिये शरद ऋतु में शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन जरूरी है। त्वचा भी खुश्क रहती है। व्रत इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।