साढ़े 6 लाख रुपये बैग में लेकर भटक रहा था 7 साल का मासूम, जानें फिर क्या हुआ

यह कहानी फिल्मी नहीं, हकीकत है. नासिर अपने पिता के साथ बांद्रा स्टेशन से डहाणू रोड जाने वाली लोकल ट्रेन में बैठा था.

साढ़े 6 लाख रुपये बैग में लेकर भटक रहा था 7 साल का मासूम, जानें फिर क्या हुआ
बच्चे के बैग में 6 लाख 48 हजार 640 रुपये की नकदी मिली...

प्रवीण नलावडे.मुंबई: पालघर जिले का वैतरना स्टेशन पर 7 साल का बच्चा अकेला भटक रहा था. आसपास के लोगों ने बच्चे को अकेला स्टेशन पर भटकते देख रेलवे पुलिस को सूचना दी. रेलवे पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चे से संपर्क किया और उसका नाम-पता पूछा. बच्चे ने अपना नाम नासिर बताया. पुलिस ने जब बच्चे के बैग की तलाशी ली तो उसके होश उड़ गए. बैग में साढ़े छह लाख रुपये की नकदी थी. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को उसके परिजनों को खोज निकाला. 

यह कहानी फिल्मी नहीं, हकीकत है. नासिर अपने पिता के साथ बांद्रा स्टेशन से डहाणू रोड जाने वाली लोकल ट्रेन में बैठा था. उसके पिता शब्बीर फय्याज कैटरिंग का बिजनेस करते हैं. शब्बीर ने नासिर की बैग में नकदी रख दी. 7 साल के नासिर के इसकी जानकारी नहीं थी कि उसके बैग में साढ़े 6 लाख की नकदी है. उनको नालासोपार स्टेशन पर उतरना था लेकिन डहाणू लोकल ट्रेन में भारी भीड़ के चलते नासिर लोकल ट्रेन में ही रह गया. उसका पिता शब्बीर नालासोपारा स्टेशन उतर गया. 

अपने पिता सें बिछड़ा नासिर वैतरना स्टेशन पर उतर गया. अकेले भटकते हुए बच्चे को जब तुषार पाटील और मनीष रेकटे नाम के युवक ने देखा तो उन्होंने रेलवे पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद बच्चे से पूछताछ के बाद सारी हकीकत पता चली. बच्चे के बैग में 6 लाख 48 हजार 640 रुपये की नकदी मिली. पुलिस ने बच्चे को मां-बाप को सौप दिया.

mumbai police

रेल्वे पुलीस निरीक्षक भास्कर पवार ने बताया कि 7 साल के इस बच्चे को रेलवे पुलिस को सौपने के बाद उसके बैग सें साढ़े 6 लाख की नकदी मिली. वह कैश उसके पिता शब्बीर का था. हमने नोट असली होने की जांच की. स्थानिय बैंक अधिकारीयों की मदद से नोट असली होने की बात सामने आई. उसके बाद हमने कैश बच्चे के पिता को सौंप दिया.