गुजरात : पूर्व कांग्रेस MLA आशा पटेल बीजेपी में शामिल, 2 फरवरी को दिया था इस्तीफा

गुजरात : पूर्व कांग्रेस MLA आशा पटेल बीजेपी में शामिल, 2 फरवरी को दिया था इस्तीफा

बीते शनिवार को आशा पटेल ने 'अंदरूनी कलह' का हवाला देते हुए विधानसभा और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

गुजरात : पूर्व कांग्रेस MLA आशा पटेल बीजेपी में शामिल, 2 फरवरी को दिया था इस्तीफा

अहमदाबाद: गुजरात में कुछ ही दिन पहले कांग्रेस के विधायक के तौर पर इस्तीफा देने वाली आशा पटेल शुक्रवार को सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो गईं. उन्होंने दो फरवरी को कांग्रेस भी छोड़ दी थी. बीजेपी की राज्य इकाई प्रमुख जीतू वघानी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में उत्तर गुजरात के पाटन में पार्टी के ‘क्लस्टर सम्मेलन’ में आशा पटेल और उनके कुछ समर्थक भाजपा में शामिल हो गए. 

आशा के एक ‘सौदे’ के तहत भाजपा में शामिल होने के आरोपों को खारिज करते हुए वघानी ने कहा कि अंदरूनी खींचतान के कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ी. कार्यक्रम के बाद वघानी ने संवाददाताओं से कहा, "हम अपनी पार्टी में आशाबेन का स्वागत करते हैं. बीजेपी और उनके बीच किसी समझौते का कोई सवाल नहीं है. भाजपा कभी भी खरीद-फरोख्त में लिप्त नहीं रही है. लोगों का बेहतर तरीके से सेवा करने के लिए वह भाजपा में शामिल हुईं." 

इससे पहले बीते शनिवार को उन्होंने 'अंदरूनी कलह' का हवाला देते हुए विधानसभा और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. पटेल ने बीजेपी से ऊंझा सीट कांग्रेस को दिलाई थी. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यह झटका है. 2017 के विधानसभा चुनाव में पटेल ने बीजेपी से ऊंझा सीट कांग्रेस को दिलाई थी. ऊंझा, महेसाणा लोकसभा सीट में आने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. सात विधानसभा क्षेत्रों में से चार बीजेपी और तीन कांग्रेस के पास हैं. महेसाणा लोकसभा सीट बीजेपी के पास है.

इससे पहले कांग्रेस के ही एक पूर्व विधायक कांग्रेस के ओबीसी नेता कुंवरजी बावलिया पिछले वर्ष जुलाई में कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी का हाथ थाम लिया था और विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए थे. इसके बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने गुजरात की जसदण विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 19,500 से अधिक मतों से जीत हासिल की थी. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 182 सीटों में से बीजेपी ने 99 और कांग्रेस ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी. अब कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 75 रह गई है. 

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