गुजरात में 'मजहबी मॉक ड्रिल' विवादों में: पुलिस ने ‘आतंकियों' से लगवाए इस्लाम के समर्थन में नारे

गुजरात पुलिस का एक और छद्म अभ्‍यास (मॉक ड्रिल) का वीडियो सामने आया है, जिसके बाद विवाद काफी बढ़ गया है। इस वीडियो में छद्म आतंकी इस्लाम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। बीते दिनों सामने आए सूरत के एक ऐसे ही अभ्‍यास के वीडियो में आतंकवादियों का किरदार निभा रहे पुलिसकर्मियों ने एक धर्म विशेष के अनुयायियों की टोपी पहन रखी थी और उसको लेकर विवाद पैदा हुआ था।

गुजरात में 'मजहबी मॉक ड्रिल' विवादों में: पुलिस ने ‘आतंकियों' से लगवाए इस्लाम के समर्थन में नारे

अहमदाबाद : गुजरात पुलिस का एक और छद्म अभ्‍यास (मॉक ड्रिल) का वीडियो सामने आया है, जिसके बाद विवाद काफी बढ़ गया है। इस वीडियो में छद्म आतंकी इस्लाम के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। बीते दिनों सामने आए सूरत के एक ऐसे ही अभ्‍यास के वीडियो में आतंकवादियों का किरदार निभा रहे पुलिसकर्मियों ने एक धर्म विशेष के अनुयायियों की टोपी पहन रखी थी और उसको लेकर विवाद पैदा हुआ था।

बीते दिन सामने आए सूरत के विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने माना कि अभ्‍यास में लोगों को एक खास धर्म के अनुयायियों की टोपी पहने हुए आतंकवादी पेश करना एक भूल है। नया वीडियो नर्मदा जिले के केवाडिया क्षेत्र में नर्मदा बांध क्षेत्र में हुए छद्म आतंकवाद निरोधक अभ्‍यास से जुड़ा है। उसमें पुलिसकर्मियों ने दो छद्म आतंकवादियों को पकड़ रखा है जो चिल्ला रहे हैं, तुम चाहे तो हमारी जान ले लो। इस्लाम जिंदाबाद।

इस संबंध में नर्मदा के पुलिस अधीक्षक जयपालसिंह राठौड़ ने कहा कि मुझे मीडिया के माध्यम से इस घटना (आतंकवादियों को मुसलमान के रूप में पेश करने) की जानकारी मिली है। यदि ऐसी घटना हुई तो हम उसकी जांच करायेंगे और जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध जरूरी कार्रवाई करेंगे। राठौड़ ने कहा कि छद्म अभ्‍यास नियमित पुलिस अभ्‍यास है जो केवाड़िया में एक सप्ताह पहले हुआ। कल सूरत की घटना आने के बाद गुजरात भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रमुख समेत कई वर्गों ने उसकी आलोचना की थी और मुख्यमंत्री ने कहा था कि धर्म को आतंकवाद से जोड़ना गलत है।

राज्य में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस (7-9 जनवरी) और वाइब्रेंट गुजरात निवेशक सम्मेलन (11-13 जनवरी) से पहले आतंकवाद निरोधक अभ्‍यास किए गए। (एजेंसी इनपुट के साथ)