आ रही है दुश्मनों की 'सीक्रेट किलर' K-4, नहीं माना पाकिस्तान तो मिटा देगा हिंदुस्तान!

हिंदुस्तान ने इस साल अपनी मिसाइल पावर का पूरी दुनिया को एहसास दिला दिया है. एक के बाद एक 11 महीनों में 11 मिसाइलों के सफल परीक्षण से दुश्मन देश खौफ में है. 

आ रही है दुश्मनों की 'सीक्रेट किलर' K-4, नहीं माना पाकिस्तान तो मिटा देगा हिंदुस्तान!
नवंबर महीने में भारत ने पृथ्वी-2, अग्नि-2 और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कामयाबी से परीक्षण किया.

नई दिल्ली: हिंदुस्तान ने इस साल अपनी मिसाइल पावर (Missile Power) का पूरी दुनिया को एहसास दिला दिया है. एक के बाद एक 11 महीनों में 11 मिसाइलों के सफल परीक्षण से दुश्मन देश खौफ में है. भारत ने ये बता दिया है कि दुश्मन देश की नाफरमानी उसे महंगी पड़ सकती है. हिंदुस्तान की 'मिसाइल पावर' से बचना अब नामुमकिन है. नवंबर महीने में भारत ने पृथ्वी-2, अग्नि-2 और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Brahmos Supersonic Cruise Missile) का कामयाबी से परीक्षण किया.

अब हमारे बेड़े मे एक और खतरनाक हथियार शामिल होने वाला है, जिसका नाम है K-4. परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम K-4 मिसाइल का परीक्षण इस हफ्ते के आखिर में किया जा सकता है. पानी से जमीन पर मार करने में सक्षम इस मिसाइल के परीक्षण भर से ही पाकिस्तान थर-थर कांप रहा है. आप भी जानिए कि K-4, एटम बम की धमकी देने वाले पाकिस्तान के क्यों होश उड़ा रही है? 

भारत के 'मिसाइल मैन' डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने देश की सुरक्षा के लिए जिस ब्रह्मास्त्र का सपना देखा था उसका नाम है अग्नि मिसाइल, लेकिन अब डॉ. अब्दुल कलाम के सपने को आगे बढ़ाते हुए भारत ने अग्नि के 'जल'अवतार K-4 की ताकत हासिल कर ली है. न्यूक्लियर बैलेस्टिक मिसाइल K-4 भारत के दुश्मनों को जलाकर भस्म करने के लिए तैयार हो चुकी है. K-4 बैलास्टिक मिसाइल की रेंज 3500 किलोमीटर है और ये ज़ीरो Error के साथ दुश्मन पर कहर बरपा सकती है, यानी K-4 का निशाना अचूक है. इसे समुद्र की गहराइयों में पनडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है..K4 अरिहंत क्लास परमाणु पनडुब्बी के लिए डिजाइन की गई है. 

इस मिसाइल के नाम के आगे जो K लगा है उसका मतलब कलाम है, यानी K-सीरीज़ की ये घातक मिसाइलें भारत को डॉक्टर अब्दुल कलाम की आखिरी सौगात है. आप कह सकते हैं कि भारत की रक्षा करने के लिए कलाम नए अवतार में लौट आए हैं. K-4 मिसाइल ने भारत को सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी यानि समुद्र के अंदर से दुश्मन पर भयानक हमला करने की ताक़त दी है. सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी यानी वार करने की ऐसी काबिलियत जब दुश्मन के परमाणु हमले से एयरबेस और ग्राउंडबेस तबाह हो जाने के बाद दुश्मन पर समुद्र से पलटवार किया जाता है, ऐसा होने पर समुद्र की गहराई में मौजूद भारत की स्वदेशी जोड़ी यानी INS अरिहंत और K-4 मिसाइल दुश्मन को जलाकर राख कर देगी. 

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K-4 ballistic missile अपने साथ 2 हज़ार किलोग्राम तक परमाणु हथियार ले जा सकती है 12 मीटर लंबी इस मिसाइल का वजन करीब 17 टन है. DRDO के Top Secret कार्यक्रम के तहत बनाई जा रही K-4, एक हल्की, तेज़ और आसानी से रडार की पकड़ में ना आने वाली मिसाइल है. K-4 मिसाइल का सबसे महत्वपूर्ण फीचर उसका बूस्ट गाइड फ्लाइट (boost-glide flight) सिस्टम है, जिसकी मदद से ये किसी भी एंटी-बैलास्टिक मिसाइल सिस्टम (anti-ballistic missile system) को चकमा दे सकती है. 

K-4 बैलास्टिक मिसाइल (ballistic missile) को पहली बार 2014 में समुद्र के अंदर 30 फीट की गहराई से एक Pontoon यानी नकली पनडुब्बी से टेस्ट फाइर (Test Fire) किया गया था. K-4 के तीन परीक्षण हुए हैं और इसे असल गेम चेंजर माना जाता है. भारत की K-4 इतनी ताकतवर कि पाकिस्तान को उसकी आवाज़ सुनकर ही चक्कर आ रहे हैं. K-4 तो सिर्फ़ ट्रेलर है भारत 5 से 8 हज़ार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली K-4 मार्क टू  के साथ साथ  K-5 के निर्माण की तरफ भी बढ़ रहा है जिसकी मारक क्षमता 6 हज़ार से 10 हज़ार किलोंमीटर तक हो सकती है..K-4 हिंद महासागर में चीन को उसकी हैसियत बताने वाला हथियार है, तो इसे आप पाकिस्तान की हर चाल को नाकाम करने वाली चाबी भी कह सकते हैं.