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सुनो...सुनो...सुनो! भीषण गर्मी होगी छूमंतर, बिना खर्चे के धान बुआई के लिए गीले होंगे खेत

मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में 12 से 16 मई के बीच पश्चिम बंगाल, सिक्किम व पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश देखी जा सकती है.

सुनो...सुनो...सुनो! भीषण गर्मी होगी छूमंतर, बिना खर्चे के धान बुआई के लिए गीले होंगे खेत
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम विक्षोभ के साथ ही राजस्थान के ऊपर एक साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है.

नई दिल्ली: उत्तर पश्चिम और मध्य भारत विशेष तौर पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली व आसपास के इलामों में अगले कुछ दिनों में गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार हिमालय में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. इसके चलते देश के उत्तर पश्चिमि इलाके में 11 से 15 मई तक इसका प्रभाव रहेगा.

इन इलाकों में होगी अच्छी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार यह पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में 12 से 16 मई के बीच पश्चिम बंगाल, सिक्किम व पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश देखी जा सकती है. वहीं जम्मू कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश व राजस्थान सहित कई हिस्सों में इस दौरान धूल भरी आंधी व हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है.

दोपहर बाद बढ़ेगी आंधी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम विक्षोभ के साथ ही राजस्थान के ऊपर एक साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके चलते अरब सागर से बड़े पैमाने पर नमी उत्तर पश्चिमी भारत तक पहुंचेगी. इससे इस पश्चिमी विक्षोभ को और बल मिलेगा और देश के कई हिस्सो में अच्छी बारिश भी देखी जा सकती है. उन्होंने बताया कि इस दौरान उत्तर भारत के कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं दर्ज की जाएंगी.

दोपहर बाद बढ़ेंगी गतिविधि
मौसम वैज्ञानिक समरजीत चौधरी ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ व राजस्थान में बन रहे सर्कुलेशन के चलते दोपहर के बाद धूल भरी आंधी या हल्की बारिश की संभावना अधिक रहेगी. ऐसे में इसके चलते अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान में कुछ कमी दर्ज की जाएगी.

किसानों को मिलेगा फायदा
दरअसल, देश भर में किसान धान की खेती की तैयारी कर रहे हैं. जल्द ही धान के बीच डालने व खेतों को तैयार करने का काम शुरू होगा. ऐसे में देश के विभिन्न इलाकों में होने वाली बारिश के चलते किसानों का पानी का खर्च कुछ घट जाएगा.